RBI ने Sovereign Gold Bond (SGB) 2021-22 Series VII के लिए रिडेम्पशन प्राइस **₹14,167** प्रति ग्राम तय किया है। शुरुआती निवेशकों को करीब **200%** का मुनाफा मिल रहा है, लेकिन प्री-मैच्योर रिडेम्पशन से पहले 1 अप्रैल से लागू नए टैक्स नियमों को समझना बेहद जरूरी है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने Sovereign Gold Bond (SGB) 2021-22 Series VII के प्री-मैच्योर रिडेम्पशन के लिए ₹14,167 प्रति ग्राम की कीमत की घोषणा की है। यह भाव 2 नवंबर, 2026 से शुरू होने वाली रिडेम्पशन विंडो के लिए प्रभावी होगा। केंद्रीय बैंक यह मूल्यांकन इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन लिमिटेड (IBJA) द्वारा रिडेम्पशन तारीख से पहले के तीन दिनों के क्लोजिंग भावों के औसत के आधार पर करता है।
निवेशकों की चांदी
यह बॉन्ड सीरीज डिजिटल निवेशकों के लिए ₹4,715 प्रति ग्राम की शुरुआती कीमत पर जारी की गई थी। मौजूदा ₹14,167 का भाव जारी होने के समय से अब तक लगभग 200% का एब्सोल्यूट रिटर्न दर्शाता है। इसके अलावा, निवेशकों को सालाना 2.5% का ब्याज भी छमाही आधार पर मिलता रहा है, जिसने कुल कमाई को और बढ़ाया है।
टैक्स के नए नियमों का असर
निवेशकों को 1 अप्रैल से प्रभावी हुए टैक्स नियमों पर खास ध्यान देने की जरूरत है। अगर आप मैच्योरिटी से पहले रिडेम्पशन करते हैं, तो यह आपके टैक्स प्रोफाइल के आधार पर कैपिटल गेन्स टैक्स के दायरे में आ सकता है।
प्राइमरी बनाम सेकेंडरी मार्केट निवेशक
रेगुलेटरी बदलावों के बाद, प्राइमरी सब्सक्राइबर्स और सेकेंडरी मार्केट से बॉन्ड खरीदने वाले निवेशकों के लिए टैक्स के नियम बदल गए हैं। सेकेंडरी मार्केट से खरीदे गए SGB अब पहले की तरह टैक्स-फ्री नहीं रहे। इसलिए, किसी भी जल्दबाजी में लिए गए फैसले से पहले अपनी होल्डिंग अवधि और टैक्स लायबिलिटी का आकलन करना जरूरी है। बाहर निकलने का फैसला लेने से पहले यह देख लें कि क्या मैच्योरिटी तक इंतजार करना टैक्स के नजरिए से ज्यादा फायदेमंद तो नहीं है।
