SGB 2020-21 Series-III: निवेशकों को ₹14,774 प्रति यूनिट मिलेगा, पर टैक्स का पेंच फंसेगा!

COMMODITIES
Whalesbook Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
SGB 2020-21 Series-III: निवेशकों को ₹14,774 प्रति यूनिट मिलेगा, पर टैक्स का पेंच फंसेगा!

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) 2020-21 सीरीज-III के लिए प्रीमैच्योर रिडेम्पशन (समय से पहले निकासी) का भाव **₹14,774** प्रति यूनिट तय किया है। यह 2020 में जारी की गई बॉन्ड सीरीज के लिए है, जो निवेशकों को 5 साल बाद पैसा निकालने का मौका देती है।

क्या हुआ?

RBI ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) 2020-21 सीरीज-III के प्रीमैच्योर रिडेम्पशन का रेट जारी कर दिया है। यह सीरीज 16 जून 2020 को इश्यू हुई थी और अब निवेशक 16 जून 2026 से पहले इसमें से पैसा निकाल सकते हैं। RBI ने रिडेम्पशन प्राइस ₹14,774 प्रति यूनिट तय किया है। यह ऑप्शन इश्यू डेट से 5 साल पूरे होने के बाद मिलता है।

रिडेम्पशन प्राइस में शानदार उछाल

यह ₹14,774 प्रति यूनिट का रेट 2020 के इश्यू प्राइस से काफी ज्यादा है। 2020 में निवेशकों ने ऑनलाइन ₹4,627 और ऑफलाइन ₹4,677 प्रति ग्राम का भुगतान किया था। इस तरह, सोने की वैल्यू में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा, निवेशकों को 2.5% सालाना का इंटरेस्ट भी मिल रहा था, जो हर 6 महीने में बैंक अकाउंट में क्रेडिट होता था।

टैक्स का झोल

यहां एक बड़ी बात यह है कि समय से पहले बॉन्ड भुनाने पर टैक्स लग सकता है। अगर SGB को 8 साल की पूरी मैच्योरिटी तक रखते हैं, तो कैपिटल गेन टैक्स (Capital Gains Tax) से छूट मिलती है। लेकिन, इससे पहले निकालने पर इसे कैपिटल एसेट ट्रांसफर माना जाता है, और हुए मुनाफे पर टैक्स देना पड़ सकता है। इसलिए, अपनी टैक्स प्लानिंग को देखकर ही यह फैसला लें।

कैलकुलेशन कैसे होता है?

RBI यह रिडेम्पशन प्राइस ऐसे ही तय नहीं करता। 999 प्योरिटी वाले सोने की क्लोजिंग प्राइस का सिंपल एवरेज लिया जाता है। यह एवरेज, रिडेम्पशन डेट से ठीक पहले के 3 बिजनेस दिनों का होता है। यह डेटा इंडिया बुलियन एंड जूलर्स एसोसिएशन (IBJA) से लिया जाता है।

निवेशकों के लिए क्या है खास?

अगर आपको तुरंत पैसों की जरूरत है, तो RBI के जरिए यह एक सुरक्षित एग्जिट ऑप्शन है। लेकिन, अगर पैसों की तत्काल जरूरत नहीं है, तो सोचें कि क्या अगले 2 साल में बॉन्ड को होल्ड करने से आपको टैक्स बचाने में मदद मिलेगी। अपना फैसला लेने से पहले लिक्विडिटी की जरूरत और टैक्स के असर का गणित जरूर लगाएं।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This article is published for informational purposes only. While reasonable efforts are made to ensure accuracy, completeness, and timeliness, readers are encouraged to independently verify information before making any decisions based on the content. The views and information presented are subject to editorial review and may be updated without notice.