Reserve Bank of India ने Sovereign Gold Bond (SGB) 2020-21 Series I के लिए प्री-मैच्योर रिडेम्पशन प्राइस **₹14,159** प्रति ग्राम तय किया है। यह रेट **28 अक्टूबर, 2026** से प्रभावी होगा।
मुनाफे का गणित
अगर आपने 2020 में इस स्कीम में निवेश किया था, तो आपको बता दें कि उस समय इश्यू प्राइस ₹4,589 (ऑनलाइन डिस्काउंट के बाद) था। आज का रिडेम्पशन प्राइस ₹14,159 है, जिसका मतलब है कि निवेशकों को 209% का शानदार एब्सोल्यूट रिटर्न मिल रहा है। ध्यान रहे, इसमें सरकार द्वारा हर साल दिया जाने वाला 2.5% का ब्याज अलग से है।
रिडेम्पशन प्राइस कैसे तय हुआ?
RBI ने यह भाव India Bullion and Jewellers Association (IBJA) के आंकड़ों के आधार पर निकाला है। रिडेम्पशन से पहले के तीन कामकाजी दिनों के 999 शुद्धता वाले सोने के भाव का औसत लेकर यह कीमत तय की गई है।
टैक्स का 'पेच' समझें
जल्दबाजी में एग्जिट लेने से पहले टैक्स नियमों को समझना बहुत जरूरी है। SGB मैच्योरिटी तक रखने पर कैपिटल गेन्स टैक्स में छूट मिलती है, लेकिन प्री-मैच्योर रिडेम्पशन के नियम थोड़े अलग हैं। समय से पहले पैसा निकालने पर आपको कैपिटल गेन्स टैक्स देना पड़ सकता है। इसलिए, अपनी टैक्स देनदारी का हिसाब-किताब पहले ही कर लें, ताकि नेट रिटर्न पर कोई असर न पड़े।
अब आगे क्या करें?
जो निवेशक अपने मुनाफे को लॉक करना चाहते हैं, वे अपने बैंक या पोस्ट ऑफिस से संपर्क करके रिडेम्पशन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। हालांकि, जो लोग पूरी टैक्स छूट का फायदा उठाना चाहते हैं, वे मैच्योरिटी तक रुकने का विकल्प चुन सकते हैं। अगर आपने सेकेंडरी मार्केट से बॉन्ड खरीदा है, तो याद रखें कि आप मैच्योरिटी पर मिलने वाली टैक्स छूट के पात्र नहीं होंगे।
