SEBI का बड़ा कदम: अब FPIs भी कर पाएंगे फिजिकल कमोडिटी डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग!

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AuthorNeha Patil|Published at:
SEBI का बड़ा कदम: अब FPIs भी कर पाएंगे फिजिकल कमोडिटी डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग!

भारतीय शेयर बाज़ार के रेगुलेटर SEBI, नॉन-एग्रीकल्चरल फिजिकल कमोडिटी डेरिवेटिव्स में फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPIs) को ट्रेडिंग की इजाज़त देने के लिए नए नियम बना रहा है। टैक्स की दिक्कतों से बचने के लिए, इस प्रस्ताव में कॉन्ट्रैक्ट एक्सपायरी से पहले एग्जिट (Exit) का सख्त मैकेनिज्म (Mechanism) शामिल है। इस कदम का मकसद भारतीय कमोडिटी बाज़ारों में लिक्विडिटी (Liquidity) बढ़ाना है, साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि FPIs असल सामान की डिलीवरी न लें।

SEBI का नया दांव: FPIs के लिए खुले फिजिकल कमोडिटी डेरिवेटिव्स के दरवाज़े?

सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) एक नया फ्रेमवर्क तैयार कर रहा है, जिसके तहत फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPIs) फिज़िकल डिलीवरी वाले, नॉन-एग्रीकल्चरल कमोडिटी डेरिवेटिव्स में हिस्सा ले सकेंगे। हालांकि, FPIs पहले से ही इंडिया में कैश-सेटल (Cash-settled) कमोडिटी डेरिवेटिव्स में ट्रेड कर सकते हैं, लेकिन यह संभावित बदलाव उन्हें असल सामान की डिलीवरी वाले कॉन्ट्रैक्ट्स में भी मौका देगा, जैसे कि कुछ मेटल्स (Metals) या एनर्जी (Energy) प्रोडक्ट्स।

GST की बाधाओं को कैसे दूर करेगा SEBI?

इस प्रतिबंध का मुख्य कारण भारत का गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) ढांचा है। ज्यादातर FPIs विदेशी संस्थाएं होने के कारण, उनके पास आमतौर पर डोमेस्टिक GST रजिस्ट्रेशन नहीं होता। इस रजिस्ट्रेशन के बिना, वे एक्सचेंज के ज़रिए डिलीवर होने वाले फिजिकल गुड्स (Physical Goods) को कानूनी तौर पर नहीं ले सकते। यह नया प्रस्ताव इस बाधा को दूर करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, यह सुनिश्चित करके कि FPIs कभी भी असल सामान को होल्ड (Hold) न करें। इस तरह, वे टैक्स संबंधी समस्याओं में फंसे बिना डेरिवेटिव्स लूप में बने रह सकते हैं।

अनिवार्य एग्जिट (Mandatory Exit) का सिस्टम

FPIs को गलती से भी फिजिकल गुड्स की डिलीवरी लेने से रोकने के लिए, रेगुलेटर एक सख्त "अनिवार्य एग्जिट" नियम का प्रस्ताव कर रहा है। इस प्लान के तहत, FPIs को डिलीवरी पीरियड शुरू होने से कम से कम 3 दिन पहले या तो अपनी ओपन पोजीशन को स्क्वायर ऑफ (Square off) करना होगा या उसे अगले फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट (Future Contract) में रोल ओवर (Roll over) करना होगा।

अगर कोई FPI इस डेडलाइन (Deadline) तक अपनी पोजीशन बंद करने में फेल होता है, तो क्लियरिंग मेंबर (Clearing Member) - यानी वह ब्रोकर जो ट्रेड के लिए जिम्मेदार है - को वह पोजीशन अपने नाम पर लेनी होगी। इससे फिजिकल डिलीवरी का रिस्क (Risk) प्रभावी रूप से ब्रोकर पर चला जाएगा। इस वजह से, ब्रोकर्स को संभवतः FPI क्लाइंट्स से एडवांस नोटिस और खास मार्जिन प्रोटेक्शन (Margin Protection) की ज़रूरत पड़ेगी ताकि वे फोर्सड डिलीवरी (Forced Delivery) के रिस्क को मैनेज कर सकें।

बाज़ार का दायरा और जोखिम

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह प्रस्ताव केवल नॉन-एग्रीकल्चरल कमोडिटीज़ पर लागू होता है। कई संवेदनशील एग्रीकल्चरल कमोडिटीज़ (Agricultural Commodities) में ट्रेडिंग रेगुलेटर द्वारा फिलहाल सस्पेंड (Suspend) है।

व्यापक बाज़ार के लिए, FPIs की बढ़ी हुई भागीदारी से लिक्विडिटी (Liquidity) बढ़ सकती है, जिससे बिड-आस्क स्प्रेड (Bid-Ask Spreads) कम हो सकते हैं और ट्रेडिंग स्मूथ (Smooth) हो सकती है। हालांकि, इसमें ऑपरेशनल रिस्क (Operational Risks) भी शामिल हैं। यदि FPIs बड़ी संख्या में बाज़ार में आते हैं, तो सिस्टम को यह सुनिश्चित करना होगा कि पोजीशन लिमिट्स (Position Limits) की सख्ती से निगरानी की जाए ताकि अचानक, हाई-वॉल्यूम (High-volume) वोलेटिलिटी (Volatility) को रोका जा सके, खासकर कॉन्ट्रैक्ट एक्सपायरी के समय।

क्लियरिंग मेंबर्स को भी कॉन्ट्रैक्ट एक्सपायरी से ठीक पहले एक नज़दीकी महीने के कॉन्ट्रैक्ट में FPI की पोजीशन को बढ़ाने वाले ट्रेड्स (Trades) को स्वीकार करने से प्रतिबंधित किए जाने की उम्मीद है। यह FPIs को ऐसी पोजीशन जमा करने से रोकने के लिए एक सुरक्षा उपाय के तौर पर काम करेगा, जिन्हें वे आसानी से एग्जिट नहीं कर सकते।

बाज़ार सहभागियों के लिए अगला कदम एक औपचारिक कंसल्टेशन पेपर (Consultation Paper) का जारी होना है। यह डॉक्यूमेंट फाइनल नियम बताएगा, जिसमें पेनाल्टी स्ट्रक्चर (Penalty Structures) और FPIs व उनके डेज़िग्नेटेड ब्रोकर्स (Designated Brokers) के बीच समझौतों की सटीक ज़रूरतों का विवरण शामिल होगा। निवेशकों को अंतिम पॉलिसी रोलआउट (Policy Rollout) और वर्तमान प्रस्ताव में किसी भी बदलाव की निगरानी करनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.