Riddhi Siddhi Gluco Biols: मुनाफे में भारी गिरावट, कर्ज हुआ दोगुना! निवेशक हैरान

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Riddhi Siddhi Gluco Biols: मुनाफे में भारी गिरावट, कर्ज हुआ दोगुना! निवेशक हैरान
Overview

Riddhi Siddhi Gluco Biols ने Q3 FY26 के नतीजे पेश कर निवेशकों को झटका दिया है। कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट (Standalone PAT) पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले **66.8%** घटकर **₹886.05 लाख** पर आ गया है। वहीं, कंसोलिडेटेड बेसिस पर जारी परिचालन (Continuing Operations) से नेट प्रॉफिट में **98.0%** की भारी गिरावट देखी गई, जो सिर्फ **₹39.30 लाख** रहा।

📉 नतीजों पर एक गहरी नज़र

Riddhi Siddhi Gluco Biols Limited ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही (Q3 FY26) और नौ महीनों के लिए अपने अनऑडिटेड स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं, जो चिंताजनक स्थिति दर्शाते हैं।

स्टैंडअलोन (Standalone) परफॉरमेंस:

  • Q3 FY26 में रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (Revenue from Operations) पिछले साल की समान तिमाही से 2.1% घटकर ₹3,123.92 लाख रहा।
  • प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) में 51.0% की बड़ी गिरावट आई और यह ₹1,096.22 लाख दर्ज किया गया।
  • नेट प्रॉफिट (PAT) में 66.8% की भारी गिरावट आई, जो ₹886.05 लाख पर सिमट गया।
  • ईपीएस (EPS) भी पिछले साल की ₹37.35 की तुलना में घटकर ₹12.43 हो गया।

नौ महीनों (9M FY26) के स्टैंडअलोन नतीजे:

हालांकि, पिछले नौ महीनों (9M FY26) में स्टैंडअलोन रेवेन्यू में 169.7% का शानदार उछाल देखकर ₹20,194.52 लाख तक पहुंच गया, लेकिन यह मुनाफे में तब्दील नहीं हो सका। इस दौरान PBT में 22.4% और PAT में 34.7% की गिरावट आई। नौ महीनों का ईपीएस ₹71.71 रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹118.01 से कम है।

कंसोलिडेटेड (Consolidated) परफॉरमेंस (जारी परिचालन से):

  • Q3 FY26 में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 9.6% घटकर ₹4,008.20 लाख रहा।
  • PBT में 83.2% की भारी गिरावट आई, जो ₹249.47 लाख रहा।
  • नेट प्रॉफिट (PAT) में 98.0% की जबरदस्त गिरावट आई और यह सिर्फ ₹39.30 लाख पर आ गया।
  • जारी परिचालन से कंसोलिडेटेड ईपीएस (EPS) पिछले साल के ₹26.71 की तुलना में घटकर ₹0.55 रह गया।

नौ महीनों (9M FY26) के कंसोलिडेटेड नतीजे (जारी परिचालन से):

इस अवधि में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 110.5% बढ़कर ₹22,679.28 लाख हुआ। मगर, PBT में 36.2% और PAT में 58.1% की गिरावट आई। नौ महीनों का कंसोलिडेटेड ईपीएस ₹35.53 रहा, जो पिछले साल के ₹84.72 से काफी कम है।

मुनाफे का मार्जिन (Profit Margins) और क्वालिटी:

कंपनी के मुनाफे के मापदंडों में गंभीर गिरावट आई है। स्टैंडअलोन PBT मार्जिन Q3 FY26 में लगभग 20.47% रहा, जो पिछले अवधियों की तुलना में काफी कम है। कंसोलिडेटेड जारी परिचालन का PBT मार्जिन Q3 FY26 में लगभग 6.22% रहा, जो संचालन या लागत दबाव का संकेत देता है।

बंद हो चुके परिचालन (Discontinued Operations):

सब्सिडियरी के पेपर डिवीजन जैसे बंद हो चुके परिचालनों से घाटा जारी रहा। कंपनी ने Q3 FY26 के लिए ₹167.92 लाख और नौ महीनों के लिए ₹482.32 लाख का आफ्टर-टैक्स लॉस (After-tax loss) दर्ज किया। पिछले नौ महीने की अवधि में, एसेट डिस्पोजल से संबंधित ₹6,956.48 लाख का एक बड़ा इंपेयरमेंट लॉस (Impairment loss) भी दर्ज किया गया था।

बैलेंस शीट (Balance Sheet) में बड़ी चिंता:

31 दिसंबर, 2025 तक स्टैंडअलोन टोटल एसेट्स (Standalone Total Assets) बढ़कर ₹1,99,770.73 लाख हो गए। हालांकि, स्टैंडअलोन टोटल लायबिलिटीज (Standalone Total Liabilities) में 11,541.61 लाख से बढ़कर ₹22,384.75 लाख हो गईं, यानी दोगुने से भी ज्यादा। यह कंपनी पर बढ़ते वित्तीय बोझ और जोखिम का संकेत है।

🚩 बड़े रिस्क और आगे का रास्ता

विशिष्ट रिस्क:

  • मुनाफे में गिरावट: मुनाफे में, खासकर कंसोलिडेटेड जारी परिचालन में, लगातार हो रही भारी गिरावट चिंता का एक बड़ा कारण है। महत्वपूर्ण रेवेन्यू ग्रोथ के बावजूद मुनाफे में नहीं बदल पाना गहरे संचालन या लागत संबंधी समस्याओं को दर्शाता है।
  • बंद हो चुके परिचालन का घाटा: पेपर डिवीजन से लगातार हो रहा घाटा कंपनी के समग्र प्रदर्शन को नीचे खींच रहा है।
  • बढ़ती लायबिलिटीज: स्टैंडअलोन लायबिलिटीज में भारी बढ़ोतरी कंपनी के वित्तीय दायित्वों और लिक्विडिटी (Liquidity) पर पड़ने वाले दबाव को दर्शाती है।
  • लंबित कानूनी मामले: कंपनी इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल और SEBI से जुड़े मामलों का सामना कर रही है, जो भविष्य में वित्तीय जोखिम पैदा कर सकते हैं।
  • मैनेजमेंट गाइडेंस का अभाव: कंपनी के मैनेजमेंट द्वारा किसी भी प्रकार का भविष्य का मार्गदर्शन (Guidance) या आउटलुक (Outlook) नहीं दिया गया है, जिससे निवेशकों में भविष्य के प्रदर्शन, रणनीति और रिकवरी की संभावनाओं को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

निवेशकों के लिए मुख्य बातें:

निवेशकों को कंपनी की मुनाफे को स्थिर करने की क्षमता पर कड़ी नजर रखनी चाहिए। मुख्य रूप से इन पर ध्यान दें:

  • संचालन क्षमता को बेहतर बनाने और लागत को नियंत्रित करने के प्रयास।
  • टैक्स और SEBI से जुड़े कानूनी मामलों के परिणाम।
  • बंद हो चुके परिचालनों का प्रदर्शन और संभावित बिक्री की प्रगति।
  • भविष्य में मैनेजमेंट की ओर से रणनीति और वित्तीय रिकवरी पर आने वाली टिप्पणियाँ।
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