Reliance ने ईरान से फूंकी नई उम्मीद
Reliance Industries ने ईरान से 50 लाख (5 मिलियन) बैरल क्रूड ऑयल की खरीद का एक अहम सौदा किया है। यह भारतीय रिफाइनिंग सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि मई 2019 के बाद यह पहली बार है जब भारत ने ईरान से तेल का आयात किया है। पिछला आयात तब बंद कर दिया गया था जब अमेरिका ने तेहरान पर कड़े नए सैंक्शन (US Sanctions) लगाए थे।
वेवर और कीमत का खुलासा
इस खरीद को संभव बनाने में अमेरिकी वेवर (US Waiver) की अहम भूमिका रही। यह एक दुर्लभ 30-दिवसीय वेवर था जिसने 20 मार्च तक लोड किए गए तेल के शिपमेंट की इजाजत दी। सूत्रों के अनुसार, नेशनल ईरानी ऑयल कंपनी (National Iranian Oil Company) से खरीदे गए इस कार्गो का दाम ICE Brent फ्यूचर्स रेट से करीब $7 प्रति बैरल के प्रीमियम पर तय हुआ। यह सौदा ऐसे समय में हुआ है जब वैश्विक सप्लाई को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं और भारतीय रिफाइनर्स (Indian Refiners) हाल के दिनों में रूसी क्रूड (Russian Crude) की बड़ी खरीदारी कर रहे हैं।
सरकारी रिफाइनर्स की सतर्कता
हालांकि, इस डील के बावजूद, भारत के सरकारी रिफाइनर्स (State-run Refiners) इस तरह की खरीद के प्रति सतर्क रुख अपना रहे हैं। उन्हें ऑपरेशनल (Operational), फाइनेंशियल (Financial) और रेगुलेटरी (Regulatory) चुनौतियों का सामना करने का डर है। शिपिंग (Shipping), इंश्योरेंस (Insurance) और पेमेंट (Payment) से जुड़ी अड़चनें, साथ ही वेवर की सीमित अवधि (जो 19 अप्रैल को समाप्त हो रही है), ऐसे जोखिम पैदा करती हैं कि अगर डिलीवरी समय सीमा के बाद होती है तो वे सैंक्शन के दायरे में आ सकते हैं।