रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने अक्टूबर 2026 में चार Sovereign Gold Bond (SGB) सीरीज के प्रीमैच्योर रिडेम्पशन के लिए विंडो खोल दी है। निवेशक अपनी होल्डिंग्स को समय से पहले भुना सकते हैं, लेकिन टैक्स के नए नियमों का ध्यान रखना जरूरी है।
रिडेम्पशन का पूरा शेड्यूल
RBI ने उन निवेशकों के लिए रास्ता साफ कर दिया है जिन्होंने 5 साल का अनिवार्य होल्डिंग पीरियड पूरा कर लिया है। रिडेम्पशन के लिए उपलब्ध सीरीज में 2019-20 सीरीज V और VI, तथा 2020-21 सीरीज I और VII शामिल हैं।
इन सीरीज के लिए आवेदन की महत्वपूर्ण तारीखें इस प्रकार हैं:
- 2019-20 सीरीज V: रिडेम्पशन की तारीख 15 अक्टूबर 2026 है, आवेदन 14 सितंबर से शुरू होंगे।
- 2019-20 सीरीज VI: रिडेम्पशन की तारीख 30 अक्टूबर 2026 है, आवेदन 29 सितंबर से शुरू होंगे।
- 2020-21 सीरीज I: रिडेम्पशन की तारीख 28 अक्टूबर 2026 है।
- 2020-21 सीरीज VII: रिडेम्पशन की तारीख 19 अक्टूबर 2026 है।
प्राइसिंग कैसे तय होगी?
SGB में डेली लिक्विडिटी नहीं मिलती है, इसलिए एग्जिट केवल निर्धारित ब्याज भुगतान की तारीखों पर ही संभव है। रिडेम्पशन के समय मिलने वाली रकम India Bullion and Jewellers Association (IBJA) द्वारा तय की जाती है। यह कीमत रिडेम्पशन डेट से पिछले 3 कारोबारी दिनों के 999 शुद्धता वाले सोने की क्लोजिंग कीमतों का औसत होती है। ध्यान रहे कि रिडेम्पशन प्रोसेस तक आपको 2.5% का सालाना ब्याज मिलता रहेगा।
टैक्स का गणित समझना जरूरी
निवेशकों को इस बात का खास ध्यान रखना चाहिए कि 1 अप्रैल 2026 से टैक्स नियमों में बड़े बदलाव हुए हैं। अब प्रीमैच्योर रिडेम्पशन पर कैपिटल गेन टैक्स लागू होता है, जो आपके नेट मुनाफे को कम कर सकता है। यदि आपने SGB को सेकेंडरी मार्केट से खरीदा है, तो आपको मैच्योरिटी पर मिलने वाले टैक्स-फ्री बेनिफिट्स भी नहीं मिलेंगे। इसलिए, रिडेम्पशन रिक्वेस्ट डालने से पहले अपने टैक्स कंसल्टेंट से सलाह जरूर लें ताकि बाद में कोई हैरानी न हो।
