Palm Oil Price: पाम ऑयल की कीमतों में नरमी के संकेत, भारत की घटती डिमांड से घटेगा महंगाई का बोझ

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AuthorAditya Rao|Published at:
Palm Oil Price: पाम ऑयल की कीमतों में नरमी के संकेत, भारत की घटती डिमांड से घटेगा महंगाई का बोझ

ग्लोबल मार्केट में पाम ऑयल (Palm Oil) की कीमतें दबाव में हैं। मलेशिया में स्टॉक का स्तर **30 लाख मीट्रिक टन** के करीब पहुंच गया है, और भारत की ओर से खरीदारी कम होने से इसके दाम और नीचे आ सकते हैं।

स्टॉक का बढ़ता दबाव

फिलहाल पाम ऑयल की कीमतें 4,780 रिंगित प्रति टन के आसपास बनी हुई हैं। मलेशिया में इन्वेंट्री का 30 लाख मीट्रिक टन के स्तर के करीब पहुंचना एक बड़ा चिंता का विषय है, जो आमतौर पर कीमतों को ऊपर नहीं चढ़ने देता।

भारत का असर और डिमांड का गणित

भारत दुनिया का सबसे बड़ा वेजिटेबल ऑयल आयातक है, इसलिए हमारी डिमांड का सीधा असर ग्लोबल प्राइसेज पर पड़ता है। सितंबर के शुरुआती तीन हफ्तों में मलेशिया से होने वाली शिपमेंट्स में करीब 25% की गिरावट आई है। इसकी मुख्य वजह यह है कि भारतीय खरीदारों ने अगस्त और सितंबर में पहले ही काफी स्टॉक जमा कर लिया है।

इसके अलावा, पाम ऑयल का सोया और सूरजमुखी तेल के मुकाबले मिलने वाला 'कॉस्ट एडवांटेज' भी अब कम हो गया है। जब इन विकल्पों के बीच दाम का अंतर घटता है, तो रिफाइनर्स पाम ऑयल के बजाय अन्य तेलों पर शिफ्ट हो जाते हैं, जिससे डिमांड और कमजोर हो गई है।

महंगाई और FMCG पर असर

हालांकि बाजार में 'अल नीनो' (El Niño) को लेकर चर्चा थी, लेकिन पाम ऑयल की पैदावार पर इसका असर 2027 के मध्य तक दिखने की संभावना है। फिलहाल मार्केट डेटा पर फोकस कर रहा है, और सितंबर में प्रोडक्शन में बढ़त दर्ज की गई है। भारतीय उपभोक्ताओं और FMCG कंपनियों के लिए यह एक अच्छी खबर है, क्योंकि कच्चे माल (Raw material) की लागत घटने से कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन में सुधार हो सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.