Onion Price Crisis: प्याज के दाम पहुंचे ₹75 के पार, कर्नाटक में सूखे से बिगड़े हालात

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Onion Price Crisis: प्याज के दाम पहुंचे ₹75 के पार, कर्नाटक में सूखे से बिगड़े हालात

देश भर में प्याज की खुदरा कीमतें **₹55 से ₹75** प्रति किलो तक पहुंच गई हैं। कर्नाटक में पड़े भीषण सूखे और फसलों के भारी नुकसान के कारण सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि नई फसल आने तक आम लोगों को महंगाई की मार झेलनी पड़ सकती है।

भारत में प्याज के दाम आम जनता की रसोई का बजट बिगाड़ रहे हैं। देश के कई शहरों में प्याज ₹55 से ₹75 प्रति किलो के भाव पर बिक रहा है। इस तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह कर्नाटक में पड़ी कम बारिश और सूखा है, जो प्याज का प्रमुख उत्पादक केंद्र है। राज्य सरकार ने पहले ही 101 तालुकों में सूखा घोषित कर दिया है, जिससे खरीफ बुवाई का पूरा चक्र प्रभावित हुआ है।

उत्पादन में भारी गिरावट

कृषि आंकड़ों के अनुसार, प्याज के रकबे में बड़ी कमी आई है। खरीफ सीजन में प्याज का एरिया घटकर 1.30 लाख हेक्टेयर रह गया है, जो पिछले साल 2.06 लाख हेक्टेयर था। केवल कर्नाटक की बात करें तो यह आंकड़ा 90,000 हेक्टेयर से गिरकर 68,000 हेक्टेयर पर आ गया है। इसके अलावा, फसल कटाई के बाद होने वाला स्टोरेज नुकसान भी 35-40% तक पहुंच गया है, जो सामान्य तौर पर 20% रहता है।

सरकार के कदम

बाजार को स्थिर करने के लिए सरकार ने 'कांदा एक्सप्रेस' (Kanda Express) के जरिए महाराष्ट्र से प्याज की सप्लाई शुरू की है। साथ ही, बफर स्टॉक को ₹35 प्रति किलो के सबसिडी रेट पर बेचा जा रहा है। हालांकि, सप्लाई की भारी कमी के कारण इन उपायों का असर सीमित है।

इकोनॉमी और बिजनेस पर असर

प्याज की इस महंगाई का सीधा असर 'फूड इन्फ्लेशन' पर दिख रहा है। क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर पर इसका दबाव काफी ज्यादा है, क्योंकि इन कंपनियों के लिए इनपुट कॉस्ट मैनेज करना मुश्किल हो रहा है। नवंबर 2026 तक स्थिति में ज्यादा सुधार की उम्मीद कम है, और बाजार की नजर अब रबी फसल की आवक पर टिकी है, जिससे 2027 की शुरुआत में कीमतों में गिरावट आ सकती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.