रूस और यूक्रेन के बीच एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर सीजफायर की खबरों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में नरमी देखी गई है। ब्रेंट क्रूड गिरकर **$103.35** प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है, हालांकि अभी तक दोनों देशों की तरफ से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सोमवार को क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, जिसकी मुख्य वजह रूस और यूक्रेन के बीच एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर सीजफायर की खबरें हैं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स $103.35 प्रति बैरल के स्तर पर आ गया है, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) करीब $90.55 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। यह बाजार प्रतिक्रिया अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा की गई उस घोषणा के बाद आई है, जिसमें एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले रोकने के समझौते का जिक्र था।
अनिश्चितता का माहौल बरकरार
हालांकि बाजार में राहत की खबर है, लेकिन सीजफायर की वैधता को लेकर अभी भी बड़ा सवाल बना हुआ है। अब तक मॉस्को या कीव की ओर से आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं की गई है। जमीनी स्तर पर भी हमलों की खबरें आ रही हैं, जिससे ट्रेडर्स सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। यही कारण है कि कीमतों में बड़ी गिरावट नहीं आ पा रही है क्योंकि बाजार आपूर्ति को लेकर अभी भी आश्वस्त नहीं है।
मिडिल ईस्ट का तनाव और गोल्ड की चमक
कच्चे तेल की कीमतों को सहारा देने में मिडिल ईस्ट के भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Risks) का बड़ा हाथ है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास टैंकरों को मिल रही धमकियों और बुनियादी ढांचे पर हमलों ने सप्लाई चेन के लिए चिंताएं बढ़ा दी हैं।
इसी के साथ, निवेशकों का रुझान 'सेफ-हेवन' एसेट के रूप में सोने की ओर बढ़ा है, जिससे गोल्ड की कीमतों में तेजी दिखी है। अब मार्केट की नजर अमेरिका के आने वाले इन्फ्लेशन डेटा पर है, जो फेडरल रिजर्व की भविष्य की पॉलिसी और लॉन्ग टर्म इकोनॉमिक स्टेबिलिटी के लिए अहम साबित होगा।
