सऊदी अरब ने पाइपलाइन में आई खराबी के बाद ओमान के रास्ते तेल एक्सपोर्ट शुरू कर दिया है। राहत की इस खबर से क्रूड ऑयल की कीमतों में **1%** से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है, हालांकि भू-राजनीतिक तनाव अब भी एक बड़ा रिस्क बना हुआ है।
ग्लोबल ऑयल मार्केट में आज थोड़ी राहत देखने को मिली है। ब्रेंट क्रूड (Brent crude) के दाम 1.2% गिरकर $104.59 प्रति बैरल पर आ गए हैं, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) में 1.1% की गिरावट के साथ यह $101.29 प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है।
सऊदी का नया प्लान
सऊदी अरब ने अपने क्रूड सप्लाई को बनाए रखने के लिए ओमान के सोहर पोर्ट का रुख किया है। दरअसल, ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन के पंपिंग स्टेशनों पर हुए हमलों के कारण 'यानबू' (Yanbu) रेड सी हब से लोडिंग सस्पेंड करनी पड़ी थी। ओमान के जरिए हो रहे शिप-टू-शिप ट्रांसफर ने एशियाई रिफाइनर्स को तो राहत दी है, लेकिन एक्सपर्ट्स इसे एक अस्थायी समाधान मान रहे हैं क्योंकि पाइपलाइन की मरम्मत कब तक पूरी होगी, इसका अभी कोई पक्का अता-पता नहीं है।
अमेरिका में डिमांड सुस्त
कीमतों के गिरने के पीछे अमेरिका का डेटा भी एक अहम वजह है। यूएस एनर्जी इंफॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले हफ्ते वहां के स्टॉकपाइल्स में केवल 640,000 बैरल की कमी आई है। बाजार को 1.62 मिलियन बैरल की गिरावट की उम्मीद थी, जिसका मतलब है कि दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक देश में डिमांड फिलहाल सुस्त बनी हुई है।
भू-राजनीतिक रिस्क अब भी बरकरार
भले ही सप्लाई रूट को दुरुस्त कर लिया गया हो, लेकिन एनर्जी सेक्टर पर तनाव के बादल छटे नहीं हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जैसे संवेदनशील इलाकों में किसी भी तरह का विवाद सप्लाई चेन के लिए बड़ा खतरा हो सकता है। ट्रेडर्स अब अमेरिका और चीन के बीच होने वाली उच्च-स्तरीय वार्ता पर नजर टिकाए बैठे हैं, ताकि वैश्विक व्यापार और एनर्जी टेंशन में कुछ नरमी आ सके। फिलहाल, बेहतर सप्लाई मैनेजमेंट और कमजोर डिमांड के चलते कीमतों में उतार-चढ़ाव सीमित है।
