कच्चे तेल में $92 के पार तेजी, ईरान पर ट्रंप का वार; LIC को HDFC बैंक में हिस्सेदारी बढ़ाने की मिली मंजूरी

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AuthorAditya Rao|Published at:
कच्चे तेल में $92 के पार तेजी, ईरान पर ट्रंप का वार; LIC को HDFC बैंक में हिस्सेदारी बढ़ाने की मिली मंजूरी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ कड़े आर्थिक प्रतिबंधों के ऐलान के बाद ब्रेंट क्रूड के दाम **$92** प्रति बैरल के करीब पहुंच गए हैं। घरेलू मोर्चे पर, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने LIC को HDFC बैंक में अपनी हिस्सेदारी **9.99%** तक बढ़ाने की अनुमति दे दी है। वहीं, आदित्य बिड़ला कैपिटल ने अगले तीन वर्षों में **1,000** शाखाएं खोलने की योजना के साथ गोल्ड लोन बाजार में कदम रखा है।

ईरान पर 'आर्थिक जंग' का असर, तेल की कीमतों में उबाल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ "आर्थिक युद्ध" छेड़ने के ऐलान से ग्लोबल ऑयल मार्केट में हलचल मच गई है। नतीजतन, ब्रेंट क्रूड के दाम $92 प्रति बैरल के करीब पहुंच गए हैं। यह लगातार पांचवां दिन है जब कीमतों में तेजी देखी जा रही है। यह बढ़ोतरी इस डर को दर्शाती है कि अमेरिका द्वारा ईरान की अर्थव्यवस्था को समर्थन देने वाले किसी भी देश या संस्था पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी के चलते तेल आपूर्ति बाधित हो सकती है।

LIC को HDFC बैंक में बड़ी हिस्सेदारी बढ़ाने की मंजूरी

भारतीय बाजार के लिए सबसे बड़ी खबर यह है कि भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) को HDFC बैंक में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की नियामक मंजूरी मिल गई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने LIC के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है, जिसके तहत वह HDFC बैंक में 9.99% तक हिस्सेदारी खरीद सकती है। यह देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक के लिए एक अहम बदलाव है, क्योंकि LIC अपनी निवेश क्षमता बढ़ा रहा है। निवेशक इस बात पर नजर रखेंगे कि यह हिस्सेदारी बढ़ने से बैंक के गवर्नेंस और कैपिटल स्ट्रक्चर पर क्या असर पड़ता है।

आदित्य बिड़ला कैपिटल का गोल्ड लोन में आगाज

फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में, आदित्य बिड़ला कैपिटल ने गोल्ड लोन बिजनेस में आधिकारिक तौर पर एंट्री की घोषणा की है। कंपनी अगले तीन वर्षों में गोल्ड लोन के लिए 1,000 शाखाएं खोलने की आक्रामक योजना बना रही है। शुरुआती चरण में, मार्च 2027 तक 200 से 300 शाखाएं लॉन्च करने का लक्ष्य है। इस घोषणा के बाद कंपनी के शेयरों में मामूली बढ़ोतरी देखी गई, क्योंकि निवेशकों ने इस नए बिजनेस लाइन से रेवेन्यू में विविधता लाने की संभावना का आकलन किया।

बाजार की अनिश्चितता और संभावित खतरे

जहां ये कॉर्पोरेट कदम विकास का संकेत देते हैं, वहीं ये व्यापक बाजार की अनिश्चितता के बीच आए हैं। भू-राजनीतिक तनाव का बढ़ना भारत जैसे ऊर्जा-आयात करने वाले देशों के लिए जोखिम पैदा करता है, जहां कच्चे तेल की ऊंची कीमतें प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव डाल सकती हैं और महंगाई की चिंताएं बढ़ा सकती हैं। LIC के लिए, HDFC बैंक में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने का कदम RBI और SEBI के नियमों के अनुपालन के अधीन रहेगा। वहीं, आदित्य बिड़ला कैपिटल की गोल्ड लोन सेगमेंट में सफलता उसकी विस्तार योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने और स्थापित नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों व बैंकों के मुकाबले कड़ी प्रतिस्पर्धा में टिके रहने की क्षमता पर निर्भर करेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.