सऊदी अरब से आपूर्ति बढ़ने की खबरों के बीच Brent crude तेल की कीमतें **$105** प्रति बैरल से नीचे आ गई हैं। वहीं, U.S. Federal Reserve द्वारा **25 बेसिस पॉइंट्स** की ब्याज दर बढ़ोतरी के ऐलान के बाद सोने (Gold) की चमक फीकी पड़ गई है।
कच्चे तेल में नरमी का असर
Brent crude के दाम गिरकर $104.59 प्रति बैरल पर आ गए हैं। इस गिरावट की मुख्य वजह सऊदी अरब द्वारा ओमान के जरिए अतिरिक्त क्रूड सप्लाई करने की रिपोर्ट है, जिससे सप्लाई को लेकर बना तनाव थोड़ा कम हुआ है। भारतीय निवेशकों के लिए यह राहत की खबर हो सकती है क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए भारी मात्रा में आयात पर निर्भर है। कच्चे तेल में गिरावट से महंगाई और ट्रेड बैलेंस पर पड़ने वाला दबाव कम हो सकता है, बशर्ते यह राहत बरकरार रहे।
सोने पर फेड का 'हॉकिश' प्रहार
दूसरी तरफ, कीमती धातुओं के बाजार में सुस्ती है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने महंगाई को काबू में करने के लिए 3 साल से अधिक समय में पहली बार ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी की है। फेडरल रिजर्व ने भविष्य में और सख्ती के संकेत दिए हैं और 2026 तक ब्याज दरों को 4.1% तक ले जाने का अनुमान जताया है।
जैसे-जैसे ब्याज दरें बढ़ती हैं, सरकारी बॉन्ड जैसे ब्याज देने वाले एसेट्स आकर्षक हो जाते हैं, जिससे सोने जैसी नॉन-यील्डिंग एसेट्स से निवेशकों का मोहभंग होता है। इसके अलावा, डॉलर के मजबूत होने से अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए सोना खरीदना महंगा हो गया है, जिससे कीमतों पर अतिरिक्त दबाव दिख रहा है।
