बुधवार को भारतीय शेयर बाज़ारों में लगातार तीसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। Brent Crude ऑयल की कीमतें **$95** प्रति बैरल के पार जाने और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते Nifty 50 इंडेक्स **23,996** के स्तर पर बंद हुआ।
Detailed Coverage
कच्चे तेल का बढ़ता दाम और बाज़ार पर असर
बाज़ार में कमजोरी की मुख्य वजह ग्लोबल एनर्जी प्राइसेज में आई तेज़ी रही। Brent Crude ऑयल $95 प्रति बैरल के पार चला गया, जो पिछले पांच हफ़्तों का उच्चतम स्तर है। वहीं, वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) $88 के ऊपर निकल गया। इस बढ़ोतरी का कारण पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास संभावित सप्लाई चेन में रुकावट की आशंका है। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें महंगाई बढ़ा सकती हैं और करंट अकाउंट को प्रभावित कर सकती हैं।
डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर, VIX में उछाल
बाज़ार की इस चिंता को दर्शाते हुए, भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 32 पैसे कमजोर होकर 96.56 पर बंद हुआ। इंडिया VIX, जो बाज़ार की अस्थिरता को मापता है, में भी 5.6% का उछाल देखा गया, जो संकेत देता है कि निवेशक आगे और उथल-पुथल के लिए तैयार हैं।
सेक्टरों में गिरावट और नतीजों का मिला-जुला असर
बाज़ार की चाल कमजोर रही, जिसमें गिरावट वाले शेयरों की संख्या बढ़त वाले शेयरों से लगभग 2:1 के अनुपात में ज़्यादा थी। रियल एस्टेट, मीडिया और PSU बैंकिंग सेक्टरों को सबसे ज़्यादा नुकसान हुआ। इसके अलावा, अमेरिकी में जेनरिक दवाओं के आयात पर टैरिफ योजना की ख़बरों के बाद फार्मा सेक्टर पर भी दबाव देखा गया, जिससे घरेलू कंपनियों के एक्सपोर्ट मार्जिन पर चिंताएं बढ़ गईं।
हालांकि, कुछ सेक्टर्स में मजबूती बनी रही। ऑटो और FMCG सेक्टर हरे निशान में बंद हुए। कंपनियों के नतीजों (results) के कारण व्यक्तिगत शेयरों में हलचल देखी गई। Bajaj Auto ने Q1FY27 के नतीजों के बाद 52-हफ़्ते का नया हाई छुआ, जबकि Nestlé India के शेयर 3% से ज़्यादा चढ़ गए, क्योंकि कंपनी ने ₹6,378 करोड़ के कुल रेवेन्यू पर 48% का ईयर-ऑन-ईयर नेट प्रॉफिट ग्रोथ दर्ज कर ₹959 करोड़ का मुनाफा कमाया।
इसके विपरीत, Bandhan Bank के शेयर में करीब 19% की भारी गिरावट आई। बैंक ने 37% की बढ़त के साथ ₹1,037 करोड़ का प्रॉफिट दर्ज किया, लेकिन निवेशकों ने मैनेजमेंट के FY27 के लिए रिटर्न-ऑन-एसेट्स (ROA) गाइडेंस को कम करने के फैसले पर नकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की, बढ़ती जमा लागत को मार्जिन बनाए रखने में बाधा बताया।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
बाज़ार के प्रतिभागी अब आने वाले तिमाही नतीजों पर नज़र रखेंगे, जिनमें Infosys, NTPC, BPCL, InterGlobe Aviation और Cipla जैसी बड़ी कंपनियां जल्द ही अपने नतीजे पेश करेंगी। घरेलू नतीजों के अलावा, यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) के ब्याज दर संबंधी फैसले और अमेरिकी आर्थिक डेटा जैसे ग्लोबल संकेत भी महत्वपूर्ण रहेंगे। जब तक कच्चे तेल की कीमतें स्थिर नहीं होतीं, विशेषज्ञों का मानना है कि बाज़ार में सावधानी का रुख बना रह सकता है, जिससे व्यापक बाज़ार के रुझानों की तुलना में नतीजों की गुणवत्ता के आधार पर स्टॉक-विशिष्ट चयन ज़्यादा महत्वपूर्ण हो जाएगा।
