अगस्त 2026 में Nifty Metal इंडेक्स में **7%** की जबरदस्त बढ़त देखने को मिली। इसकी मुख्य वजह कॉपर और एल्युमिनियम की सप्लाई में कमी और स्टील की कीमतों में रिकवरी है।
अगस्त 2026 का महीना मेटल सेक्टर के लिए काफी अच्छा रहा। इस दौरान Nifty Metal इंडेक्स ने 7% की मासिक बढ़त दर्ज की है। इस रैली के पीछे की मुख्य वजह डिमांड से ज्यादा सप्लाई साइड की चुनौतियां रहीं, खासकर कॉपर और एल्युमिनियम के मामले में। ग्लोबल प्रोडक्शन फोरकास्ट में कटौती के कारण इन मेटल्स की कीमतों को काफी सपोर्ट मिला है।
स्टील सेक्टर में रिकवरी
कॉपर और एल्युमिनियम के साथ ही स्टील सेक्टर में भी सुधार देखा गया है। अगस्त में घरेलू स्टील की कीमतों में 12% का उछाल आया है, जिसने जून और जुलाई की गिरावट के बाद निवेशकों को राहत दी है। चीन से होने वाले एक्सपोर्ट के दबाव में कमी आने का फायदा भी भारतीय स्टील कंपनियों को मिला है।
मुनाफे पर दबाव का खतरा
हालांकि, स्टील कंपनियों के लिए राह इतनी आसान नहीं है। स्टील बनाने में इस्तेमाल होने वाले मुख्य रॉ मटेरियल 'कोकिंग कोल' की कीमतें फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही के मुकाबले काफी ज्यादा बनी हुई हैं। बढ़ती लागत का असर कंपनियों के मार्जिन पर पड़ सकता है।
ग्लोबल रिस्क पर नजर
निवेशकों को अब मैक्रो-इकोनॉमिक संकेतों पर भी ध्यान देने की जरूरत है। अमेरिकी ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी और मजबूत डॉलर का असर कमोडिटी की कीमतों पर पड़ सकता है। डॉलर के मजबूत होने से मेटल की कीमतों पर दबाव बन सकता है, जिसे आने वाले महीनों में ट्रैक करना जरूरी होगा।
