भारतीय मेटल सेक्टर में आज भारी बिकवाली देखने को मिली है। Nifty Metal इंडेक्स **3.5%** गिर गया है, क्योंकि ग्लोबल एनर्जी प्राइसेज में उछाल ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
शुक्रवार के कारोबार में Nifty Metal इंडेक्स में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। यह लगातार चौथा दिन है जब मेटल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुआ है और इंडेक्स के सभी 15 शेयर गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। जून 2026 में बने 13,931.35 के रिकॉर्ड हाई से अब यह इंडेक्स करीब 18% नीचे आ चुका है।
क्यों दबाव में हैं मेटल कंपनियां?
इस गिरावट की मुख्य वजह ग्लोबल मार्केट में बढ़ती एनर्जी कॉस्ट है। Brent Crude के दाम बढ़कर $114 प्रति बैरल तक पहुंच गए हैं, जिससे मेटल प्रोड्यूसर्स की लॉजिस्टिक्स और बिजली लागत काफी बढ़ गई है। जिन कंपनियों के पास अपने 'कैप्टिव पावर प्लांट' नहीं हैं, उनके प्रॉफिट मार्जिन पर आने वाली तिमाहियों में भारी दबाव देखने को मिल सकता है।
ग्लोबल चुनौतियों का साया
चीन में मैन्युफैक्चरिंग डिमांड को लेकर बनी अनिश्चितता और मजबूत होते अमेरिकी डॉलर ने भी सेंटीमेंट को बिगाड़ दिया है। इंस्टीट्यूशनल निवेशक अब साइक्लिकल शेयरों से निकलकर डिफेंसिव शेयरों की ओर रुख कर रहे हैं।
आगे क्या?
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, अब निवेशकों को तीन अहम फैक्टर्स पर नजर रखनी होगी: रॉ मटेरियल के दाम, चीन से आने वाले डिमांड के संकेत, और मेटल कंपनियों की अपनी लागत को ग्राहकों पर डालने (Pass-on) की क्षमता। आने वाले समय में बाजार का रुख इन्हीं आंकड़ों पर निर्भर करेगा।
