Natural Gas के अक्टूबर फ्यूचर्स फिलहाल **₹292** के आसपास ट्रेड कर रहे हैं। मार्केट की नजरें इस समय **₹285** के अहम सपोर्ट लेवल पर टिकी हैं, जो तय करेगा कि आगे की दिशा क्या होगी।
नेचुरल गैस के अक्टूबर कॉन्ट्रैक्ट्स में इस समय काफी हलचल है। कमोडिटी फिलहाल ₹285 के फ्लोर और ₹318 की ऊपरी सीमा (सीलिंग) के बीच फंसी हुई है। यह साइडवेज मूव संकेत दे रहा है कि फिलहाल खरीदारों और विक्रेताओं के बीच कोई स्पष्ट बढ़त नहीं है।
₹285 के सपोर्ट का गणित
टेक्निकल एनालिसिस में ₹285 का लेवल एक मजबूत आधार माना जा रहा है। मार्केट ऑब्जर्वर्स की नजरें इस पर इसलिए हैं क्योंकि ऐतिहासिक रूप से यहां से बाइंग प्रेशर लौटता रहा है। अगर यह लेवल टूटता नहीं है, तो मांग बरकरार रहने की उम्मीद बनी रहेगी।
रिस्क फैक्टर और डाउनसाइड
कमोडिटी मार्केट में सेंटीमेंट बहुत जल्दी बदलते हैं। अगर भाव ₹285 के नीचे फिसलता है, तो मार्केट इसे मांग में कमी के तौर पर देखेगा। ऐसे में ₹275 और ₹270 के अगले सपोर्ट जोन पर नजर रखनी होगी। चूंकि कमोडिटी फ्यूचर्स में लेवरेज ज्यादा होता है, इसलिए यहां उतार-चढ़ाव का जोखिम भी काफी अधिक रहता है।
आगे की रणनीति
नेचुरल गैस की कीमतों पर मौसम की मांग, इंडस्ट्रियल कंजम्पशन और ग्लोबल एनर्जी ट्रेंड्स का सीधा असर पड़ता है। फिलहाल निवेशकों के लिए ₹318 का रेजिस्टेंस और ₹285 का सपोर्ट ही सबसे महत्वपूर्ण लेवल्स हैं। वॉल्यूम के आंकड़ों और ग्लोबल बेंचमार्क पर नजर रखना ही इस ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन को समझने का सही तरीका है।
