National Aluminium Company (Nalco) ने अपनी स्मेल्टिंग क्षमता को बढ़ाकर 2031 तक 10 लाख टन प्रति वर्ष करने के लिए ₹25,000 करोड़ के भारी निवेश की योजना बनाई है।
सरकारी कंपनी National Aluminium Company (Nalco) ने अपने भविष्य के विस्तार के लिए एक बड़ा रोडमैप तैयार किया है। कंपनी FY31 तक अपने उत्पादन पदचिह्न (production footprint) को तेजी से बढ़ाना चाहती है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत कंपनी अपनी स्मेल्टिंग क्षमता को मौजूदा 0.46 मिलियन टन से बढ़ाकर 1 मिलियन टन प्रति वर्ष करने की तैयारी में है।
क्या है कंपनी का विस्तार प्लान?
कंपनी का फोकस केवल स्मेल्टिंग पर ही नहीं, बल्कि वर्टिकल इंटीग्रेशन पर भी है:
- एल्युमिना रिफाइनरी: क्षमता को 3.1 मिलियन टन तक ले जाना।
- बॉक्साइट माइनिंग: संचालन क्षमता को 11.5 मिलियन टन करना।
- कैप्टिव पावर: इस ऊर्जा-गहन विकास के लिए कंपनी अपनी पावर जनरेशन क्षमता को लगभग दोगुना करके 2,280 मेगावाट तक ले जाएगी।
रेवेन्यू और मार्केट आउटलुक
कंपनी ने इस फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹19,000 करोड़ से ₹20,000 करोड़ के बीच सालाना रेवेन्यू का अनुमान लगाया है, जो पिछले साल के ₹17,800 करोड़ के मुकाबले बेहतर है। ग्लोबल मार्केट में एल्युमिनियम की कीमतों में आई तेजी और भू-राजनीतिक अस्थिरता के कारण सप्लाई में आ रही दिक्कतों का सीधा फायदा कंपनी को मिल रहा है।
निवेशकों के लिए जोखिम और चुनौतियां
हालाँकि कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत है और कर्ज का स्तर कम है, लेकिन इस तरह के बड़े प्रोजेक्ट्स में कई जोखिम भी जुड़े होते हैं:
- लैंड एक्विजिशन (Land Acquisition): आंध्र प्रदेश सरकार के साथ जमीन हासिल करने की बातचीत जारी है, लेकिन कानूनी और प्रशासनिक देरी प्रोजेक्ट की लागत बढ़ा सकती है।
- साइक्लिकल सेक्टर: एल्युमिनियम का बाजार काफी हद तक ग्लोबल कीमतों पर निर्भर करता है। अगर मांग कम होती है या कीमतें गिरती हैं, तो इतने बड़े निवेश का रिटर्न प्रभावित हो सकता है।
निवेशकों के लिए सलाह है कि वे कंपनी की तरफ से किए जाने वाले लैंड एक्विजिशन और नियामक मंजूरियों (regulatory approvals) की अपडेट्स पर कड़ी नजर रखें।
