सरकारी माइनिंग कंपनी NMDC ने उत्पादन बढ़ाने की महत्वाकांक्षी योजना बनाई है। FY26 में **50 MT** का मील का पत्थर पार करने के बाद, अब कंपनी FY27 में **60 MT** आयरन ओर प्रोडक्शन का लक्ष्य लेकर चल रही है।
उत्पादन लक्ष्य और विस्तार
NMDC ने अगले फाइनेंशियल ईयर (FY27) के लिए 60 मिलियन टन (MT) आयरन ओर प्रोडक्शन का टारगेट रखा है। यह FY26 के 50 MT के उत्पादन के मुकाबले लगभग 20% की शानदार ग्रोथ है। कंपनी का लक्ष्य भारत की बढ़ती स्टील मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी को सपोर्ट करना है। इसके लिए छत्तीसगढ़ के बैलाडीला और कर्नाटक के दोनोंमलाई माइनिंग कॉम्प्लेक्स में ऑपरेशंस को अपग्रेड किया जा रहा है। कंपनी नए कन्वेयर सिस्टम, क्रशर और ब्रेकर्स पर भारी निवेश कर रही है ताकि बढ़ते वॉल्यूम को आसानी से संभाला जा सके।
फाइनेंशियल हेल्थ और लक्ष्य
कंपनी ने FY26 में ₹31,554 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया है, जो FY25 के ₹23,668 करोड़ से 33% ज्यादा है। यह मजबूत फाइनेंशियल स्थिति कंपनी को बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में निवेश करने की ताकत दे रही है। कंपनी का लॉन्ग-टर्म लक्ष्य FY31 तक 100 MT उत्पादन क्षमता तक पहुंचने का है, जो 'नेशनल स्टील पॉलिसी 2017' के 300 MT के लक्ष्य के साथ मेल खाता है।
रिस्क और चुनौतियां
इतने बड़े टारगेट के साथ कुछ चुनौतियां भी जुड़ी हैं। माइनिंग सेक्टर में सरकारी मंजूरी एक संवेदनशील मामला है। NMDC वर्तमान में पर्यावरण मंत्रालय से नई डिपॉजिट्स के लिए क्लीयरेंस लेने की कोशिश कर रही है। यदि इन मंजूरियों में देरी होती है, तो प्रोडक्शन टाइमलाइन पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा, ग्लोबल मार्केट में आयरन ओर की कीमतों में होने वाली उठा-पटक सीधे तौर पर कंपनी के मार्जिन को प्रभावित करती है।
डायवर्सिफिकेशन पर फोकस
केवल आयरन ओर पर निर्भरता कम करने के लिए NMDC अब कोयला (Coal) कारोबार में कदम रख रही है। कंपनी FY27 की तीसरी तिमाही में थर्मल कोल का कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू करने की योजना बना रही है, जिसका सेल्स टारगेट 1 मिलियन टन है। इसके अलावा, कंपनी का लक्ष्य 2030 तक अपने रेवेन्यू का कम से कम 20% हिस्सा गैर-आयरन ओर मिनरल्स से जुटाने का है।
