कीमतों में ₹100 का उछाल, पर चिंता क्यों?
NMDC Ltd. ने 10 फरवरी, 2026 से अपने आयरन ओर (Iron Ore) के दाम ₹100 प्रति टन बढ़ा दिए हैं। अब लम्प्स (lumps) की कीमत ₹4,700 प्रति टन और फाइन्स (fines) की कीमत ₹4,000 प्रति टन हो गई है। जानकारों का मानना है कि यह बढ़ोतरी बढ़ती इनपुट कॉस्ट, खासकर स्टील की ऊंची कीमतों और कमजोर होते रुपये के चलते की गई है।
नतीजों पर लागत का भारी बोझ
कंपनी के मैनेजमेंट के लिए यह एक मुश्किल दौर है। दिसंबर तिमाही के नतीजे बताते हैं कि रेवेन्यू में 16% का इजाफा होकर यह ₹7,610.8 करोड़ रहा, जो बाजार की उम्मीदों से बेहतर है। लेकिन, अर्निंग्स बिफोर इंटरेस्ट, टैक्स, डेप्रिसिएशन और एमोर्टाइजेशन (EBITDA) में 9.6% की गिरावट आई और यह ₹2,144.3 करोड़ पर आ गया। सबसे चिंताजनक बात यह है कि EBITDA मार्जिन पिछले साल के 36.1% से घटकर इस तिमाही में सिर्फ 28.2% रह गया। इसके पीछे 'अन्य खर्चों' (other expenses) में 70% और 'सेलिंग एक्सपेंसेस' (selling expenses) में 65% का भारी उछाल बताया जा रहा है। इन बढ़ते खर्चों ने कंपनी के मुनाफे पर दबाव डाला है। 10 फरवरी, 2026 तक शेयर की कीमत लगभग ₹84.5 के आसपास ट्रेड कर रही थी, जो इन चिंताओं को दर्शाता है।
वैल्यूएशन और भविष्य की राह
NMDC का मौजूदा प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो लगभग 10.7x से 11.4x के बीच है, जो इसके मुकाबले जैसे SAIL (P/E 20.1x) और Jindal Steel (P/E 32.7x) से काफी कम है। हालांकि, घटते मार्जिन को देखते हुए यह वैल्यूएशन सही है या नहीं, यह देखना बाकी है। भारतीय स्टील सेक्टर में अगले फाइनेंशियल ईयर में मांग लगभग 8% बढ़ने की उम्मीद है, वहीं ग्लोबल आयरन ओर की कीमतें 2026 में $95-$100 प्रति टन के आसपास रहने का अनुमान है, जो कीमतों को सीमित कर सकता है। कंपनी ने पिछले साल में 31% और पांच साल में 113% का रिटर्न दिया है, पर EPS ग्रोथ 20% सालाना रही है, जो शेयर प्राइस ग्रोथ ( 16%) से ज्यादा है। यह दर्शाता है कि बाजार कंपनी के भविष्य को लेकर थोड़ा आशंकित है। दिसंबर 2025 में समाप्त हुई तीसरी तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 7.9% घटकर ₹1,747.01 करोड़ रहा, भले ही रेवेन्यू बढ़ा हो।
एक्सपर्ट्स की राय और जोखिम
NMDC के लिए सबसे बड़ा जोखिम बढ़ती परिचालन लागत ही है। 'अन्य खर्चों' और 'सेलिंग एक्सपेंसेस' में लगातार वृद्धि चिंता का विषय है। कंपनी नई सहायक कंपनी के जरिए क्रिटिकल मिनरल्स (critical minerals) में विस्तार की योजना बना रही है, पर यह अभी शुरुआती दौर में है। एनालिस्ट्स की राय बंटी हुई है। MarketsMojo ने 3 फरवरी, 2026 को इसे 'Strong Buy' रेटिंग दी है, जबकि JPMorgan और Citi जैसे बड़े ब्रोकरेज हाउस 'Sell' रेटिंग के साथ क्रमशः ₹70 और ₹72 का टारगेट प्राइस दे रहे हैं। यह अनिश्चितता दर्शाती है कि निवेशक कंपनी की लागत नियंत्रण क्षमता और आयरन ओर की घटती कीमतों के दौर में भविष्य को लेकर कितने संशय में हैं।
आगे क्या?
NMDC के सामने बढ़ती लागत को संभालने और 2026 में कीमतों में नरमी के अनुमान के बीच संतुलन बनाने की चुनौती है। कंपनी ने ₹2.50 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड (interim dividend) घोषित किया है। शेयर का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनी खर्चों को कितना नियंत्रित कर पाती है और मार्जिन बनाए रख पाती है या नहीं। एनालिस्ट्स का औसत टारगेट प्राइस मौजूदा स्तरों के आसपास ₹84.47 है, जो ज्यादा बड़ी तेजी का संकेत नहीं देता। क्रिटिकल मिनरल्स में उतरना एक लंबी अवधि की रणनीति है, लेकिन इसका तत्काल असर नतीजों पर दिखेगा या नहीं, यह देखना होगा।