NMDC ने छत्तीसगढ़ में अपने ₹5,427 करोड़ के इंटीग्रेटेड आयरन ओर प्रोजेक्ट को कमीशन कर दिया है। इसमें **135 किमी** लंबी स्लरी पाइपलाइन और **2 MTPA** का पेलेट प्लांट शामिल है, जो बछेली माइंस को नगरनार से जोड़ेगा।
बड़े निवेश से बदलेगी तस्वीर
NMDC ने अपने सबसे बड़े प्रोजेक्ट्स में से एक को आखिरकार कमीशन कर दिया है। ₹5,427 करोड़ के इस बड़े निवेश का मकसद बछेली माइंस से नगरनार के इंडस्ट्रियल बेल्ट तक कच्चे माल की ढुलाई को आसान और किफायती बनाना है। यह कंपनी के लिए स्पेंडिंग फेज से निकलकर ऑपरेशनल फेज में प्रवेश करने जैसा है।
प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं
इस प्रोजेक्ट का सबसे अहम हिस्सा 135 किलोमीटर लंबी स्लरी पाइपलाइन है, जिसकी क्षमता 15 MTPA है। पारंपरिक सड़क या रेल परिवहन के मुकाबले पाइपलाइन से माल ढुलाई न केवल सस्ती है, बल्कि अधिक भरोसेमंद भी है। इसके अलावा, नगरनार में 2 MTPA का पेलेट प्लांट भी शुरू किया गया है, जो आयरन ओर फाइन्स को पेलेट्स में बदलकर स्टील निर्माताओं के लिए उपयोगी बनाता है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
इन्वेस्टर्स की नजर अब इस बात पर है कि यह इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के मुनाफे में कितनी बचत (Cost Savings) जोड़ पाता है। हालांकि, कमोडिटी सेक्टर में होने के कारण NMDC के शेयर अभी भी आयरन ओर की कीमतों और घरेलू स्टील डिमांड के प्रति संवेदनशील हैं।
कंपनी के सामने चुनौती पेलेट प्लांट को पूरी क्षमता (Optimal Capacity) पर चलाने की होगी ताकि फिक्स्ड कॉस्ट को कम किया जा सके। आने वाले क्वार्टरली रिजल्ट्स में मैनेजमेंट की कमेंट्री पर नजर रखना जरूरी होगा कि इस एफिशिएंसी का असर कंपनी के बॉटम लाइन पर कितना दिख रहा है।
