NCDEX अब कैश-सेटल एग्री-इंडाइसेस को दोबारा शुरू करने जा रहा है। इसके साथ ही एक्सचेंज जनवरी 2027 तक इक्विटी कैश मार्केट में कदम रखने की तैयारी में है। इस विस्तार के लिए कंपनी को **₹770 करोड़** की फंडिंग मिली है।
एग्री-सेक्टर में वापसी की रणनीति
कमोडिटी मार्केट में वॉल्यूम बढ़ाने के लिए NCDEX ने अपनी स्ट्रैटेजी में बदलाव किया है। एक्सचेंज अगले दो क्वार्टर में अपने पुराने इंडाइसेस—Guardex और Spicedex—को दोबारा लॉन्च करने की योजना बना रहा है। ये इंडाइसेस ग्वार गम, ग्वार सीड, धनिया, हल्दी और जीरे जैसी कमोडिटीज को ट्रैक करेंगे। कैश-सेटलमेंट फॉर्मेट में शिफ्ट होकर एक्सचेंज उन रेगुलेटरी बाधाओं को पार करने की कोशिश कर रहा है, जो फिजिकल डिलीवरी वाले कॉन्ट्रैक्ट्स पर लागू होती हैं।
इक्विटी मार्केट में एंट्री का रोडमैप
कमोडिटीज के अलावा, NCDEX अब इक्विटी स्पेस में धमाका करने के लिए तैयार है। एक्सचेंज ने जनवरी 2027 में अपना इक्विटी कैश सेगमेंट लॉन्च करने का टारगेट रखा है, जिसके बाद मिड-2027 में इक्विटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट शुरू किया जाएगा। इस बड़े विस्तार के लिए सितंबर 2025 में ₹770 करोड़ का फंड जुटाया गया है। इस फंडिंग राउंड में राधाकिशन दमानी, रमेश दमानी, मधुसूदन केला, Zerodha और Groww जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
चुनौतियां और जोखिम
भारतीय इक्विटी बाजार में NSE और BSE जैसे दिग्गजों का दबदबा है, ऐसे में NCDEX के लिए मुकाबला आसान नहीं होगा। उनकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वे कितना स्टेबल और लो-लेटेंसी वाला प्लेटफॉर्म दे पाते हैं। इसके अलावा, रेगुलेटर SEBI की ओर से एग्री-कमोडिटीज (जैसे गेहूं, धान, चना) पर मार्च 2027 तक पाबंदियां अभी भी जारी हैं, जो एक्सचेंज के कुल बिजनेस वॉल्यूम को प्रभावित कर सकती हैं।
निवेशकों को अब SEBI से मिलने वाली फाइनल रेगुलेटरी मंजूरियों और प्लेटफॉर्म के रोलआउट पर नजर रखनी चाहिए।
