NCDEX और BigMint की बड़ी पार्टनरशिप: स्टील स्क्रैप के लिए तैयार होगा नया बेंचमार्क

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AuthorMehul Desai|Published at:
NCDEX और BigMint की बड़ी पार्टनरशिप: स्टील स्क्रैप के लिए तैयार होगा नया बेंचमार्क

NCDEX ने BigMint Technologies के साथ **3 साल** का करार किया है। इसका मकसद स्टील स्क्रैप के लिए पारदर्शी प्राइस बेंचमार्क तैयार करना है, ताकि भविष्य में इसके डेरिवेटिव्स लॉन्च किए जा सकें और इंडस्ट्री रिस्क को हेज (Hedge) कर सके।

स्टील मार्केट में बड़े बदलाव की तैयारी

NCDEX और BigMint के बीच हुई यह डील भारतीय स्टील उद्योग के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकती है। अब तक स्टील स्क्रैप मार्केट में कीमतों को लेकर कोई स्टैंडर्ड पैमाना नहीं था, जिससे डीलर्स और मैन्युफैक्चरर्स को काफी मशक्कत करनी पड़ती थी। अब रोजाना के आधार पर इंडिपेंडेंट प्राइस असेसमेंट (Price Assessment) तैयार किए जाएंगे, जो आगे चलकर एक्सचेंज-ट्रेडेड डेरिवेटिव्स का आधार बनेंगे।

क्यों है यह जरूरी?

इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (Electric Arc Furnaces) का इस्तेमाल करने वाली स्टील कंपनियों को कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर झेलना पड़ता है। अब तक मार्केट में कोई भरोसेमंद बेंचमार्क न होने की वजह से लोग बिखरी हुई जानकारी पर निर्भर थे। इस पार्टनरशिप से इंडस्ट्री को एक फॉर्मल हेजिंग मैकेनिज्म मिलेगा।

NCDEX की नई दिशा

यह कदम NCDEX के एग्रो-कमोडिटी से हटकर इंडस्ट्रियल सेक्टर में पैर पसारने की रणनीति का हिस्सा है। एक मल्टी-एसेट एक्सचेंज बनने के लक्ष्य के साथ, NCDEX ने 2025 में ₹770 करोड़ की पूंजी जुटाई है। इस फंड का इस्तेमाल इक्विटी और इंडस्ट्रियल कमोडिटी डेरिवेटिव्स जैसे नए प्रोडक्ट लॉन्च करने में किया जाएगा।

चुनौतियां और कॉम्पिटिशन

हालांकि, स्टील स्क्रैप डेरिवेटिव्स की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि एक्सचेंज मार्केट में कितनी लिक्विडिटी (Liquidity) जुटा पाता है। MCX और BSE जैसे दिग्गज प्लेयर्स के बीच अपनी जगह बनाना और मिल्स, रिसाइकिलर्स और इम्पोर्टर्स का भरोसा जीतना NCDEX के लिए अगली बड़ी चुनौती होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.