नेशनल एल्यूमीनियम कंपनी (NALCO) ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में 91% की शानदार सालाना बढ़ोतरी के साथ ₹20 अरब का मुनाफा दर्ज किया है। कंपनी के रेवेन्यू में 39% का इजाफा और बेहतर मार्जिन ने इस ग्रोथ को सहारा दिया। हालांकि, मौजूदा वैल्युएशन को देखते हुए विश्लेषकों का रुख फिलहाल न्यूट्रल बना हुआ है।
NALCO के नतीजे: मुनाफे में भारी उछाल
नेशनल एल्यूमीनियम कंपनी (NALCO) ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के लिए बेहद दमदार वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने इस दौरान ₹53 अरब का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 39% ज्यादा है। वहीं, पिछले क्वार्टर की तुलना में भी रेवेन्यू में 6% का इजाफा देखा गया। इस टॉप-लाइन ग्रोथ का मुख्य श्रेय एल्यूमीनियम बाजार में मजबूत कीमतों को जाता है।
EBITDA और मार्जिन में जबरदस्त बढ़ोतरी
कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी में भी इस तिमाही में खास सुधार देखने को मिला। कंसोलिडेटेड EBITDA 81% बढ़कर ₹27 अरब हो गया, जो पिछले साल की पहली तिमाही से काफी ज्यादा है। इतना ही नहीं, EBITDA मार्जिन भी पिछले साल के 39.2% और पिछले क्वार्टर के 46.9% के मुकाबले बढ़कर 51.1% पर पहुंच गया। इस मार्जिन एक्सपेंशन ने बॉटम लाइन को मजबूती दी, जिसके चलते कंपनी का एडजस्टेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 91% बढ़कर ₹20 अरब पर पहुंच गया।
विश्लेषकों की राय और वैल्युएशन
कंपनी के शानदार नतीजों के बावजूद, विश्लेषक स्टॉक के भविष्य को लेकर थोड़े सतर्क हैं। मोतीलाल ओसवाल की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, NALCO के शेयर वर्तमान में वित्त वर्ष 2028 के अनुमानित एंटरप्राइज वैल्यू टू EBITDA (EV/EBITDA) के लगभग 6 गुने पर ट्रेड कर रहे हैं। इसी वैल्युएशन को आधार मानते हुए, ब्रोकरेज फर्म ने स्टॉक पर 'न्यूट्रल' रेटिंग बरकरार रखी है और ₹380 का प्राइस टारगेट दिया है।
निवेशकों के लिए ध्यान रखने योग्य बातें
निवेशकों के लिए NALCO का लॉन्ग-टर्म आउटलुक वैश्विक एल्यूमीनियम कीमतों के उतार-चढ़ाव और कंपनी की ऊंचे ऑपरेटिंग मार्जिन को बनाए रखने की क्षमता पर निर्भर करेगा। एल्यूमीनियम इंडस्ट्री अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी कीमतों के प्रति काफी संवेदनशील है, इसलिए ग्लोबल डिमांड या कीमतों में कोई भी अस्थिरता भविष्य की लाभप्रदता को प्रभावित कर सकती है। इसके अलावा, निवेशकों को कंपनी की कैपिटल स्पेंडिंग योजनाओं और कच्चे माल की कीमतों में किसी भी बदलाव पर भी नजर रखनी चाहिए, जो वर्तमान लाभ मार्जिन पर दबाव डाल सकते हैं।
