नेशनल एल्युमीनियम कंपनी (NALCO) ने हालिया तिमाही में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी की कमाई (EBITDA) में पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले **81%** का तगड़ा इजाफा हुआ है। इसका मुख्य कारण एल्युमीनियम की ऊंची वैश्विक कीमतें और लागत पर कंपनी का बेहतर नियंत्रण रहा। हालांकि, कंपनी ने अपनी नई 10 लाख टन क्षमता वाली एल्युमिना रिफाइनरी के चालू होने में देरी की है, जो अब 2026 के आखिर में शुरू होगी।
मुनाफे में आई बंपर तेजी!
NALCO ने हालिया तिमाही में 81% की शानदार EBITDA ग्रोथ दर्ज की है। यह उछाल मुख्य रूप से वैश्विक बाजार में एल्युमीनियम की बढ़ी हुई कीमतों और कंपनी द्वारा उत्पादन व कर्मचारी लागत को नियंत्रित रखने के कारण संभव हुआ है।
प्रोडक्शन और प्रोजेक्ट में देरी
कंपनी के आंकड़ों के अनुसार, एल्युमिना उत्पादन वॉल्यूम में साल-दर-साल 14% की वृद्धि हुई है, जबकि मेटल आउटपुट स्थिर रहा। शेयरधारकों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर यह है कि नई 10 लाख टन प्रति वर्ष की एल्युमिना रिफाइनरी का काम एक तिमाही और टल गया है। अब इसके सितंबर 2026 के अंत तक चालू होने और साल के आखिरी महीनों में कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू होने की उम्मीद है।
इनपुट लागत और कीमतें
हालांकि कंपनी ने लागत को सफलतापूर्वक नियंत्रित किया है, प्रबंधन को दूसरी तिमाही में इनपुट कीमतों में बढ़ोतरी का दबाव झेलना पड़ सकता है। एल्युमीनियम की नेट सेलिंग प्राइस तिमाही-दर-तिमाही 12% बढ़कर $3,918 प्रति टन हो गई, जिसमें लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) की कीमतों पर प्रीमियम का भी योगदान रहा। वहीं, एल्युमिना की कीमतों में तिमाही-दर-तिमाही 7% की गिरावट आई और यह $330 प्रति टन पर आ गई।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
फाइनेंशियल एनालिस्ट्स ने कंपनी के EBITDA अनुमानों (FY27 और FY28 के लिए) को 5% और 6% तक बढ़ाया है। यह अनुमान ऊंची LME एल्युमीनियम कीमतों और कमजोर भारतीय रुपये पर आधारित हैं, जिससे एक्सपोर्टर्स को फायदा होता है। मौजूदा समय में, स्टॉक 4.6x के एंटरप्राइज वैल्यू टू FY28 अनुमानित EBITDA मल्टीपल पर ट्रेड कर रहा है।
निवेशकों को अब इस देरी से प्रभावित रिफाइनरी प्रोजेक्ट के सफल क्रियान्वयन और एल्युमीनियम की वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव पर कड़ी नजर रखनी होगी, क्योंकि ये सीधे कंपनी के मुनाफे को प्रभावित करते हैं।
