NALCO की चाल: 'HOLD' रेटिंग पर कायम ब्रोकरेज, क्यों?
शेयर बाजार के दिग्गज ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने नेशनल एल्युमीनियम कंपनी (NALCO) पर अपनी 'HOLD' रेटिंग को बरकरार रखा है। हालांकि, कंपनी के Q3 FY26 के नतीजों को देखते हुए उन्होंने शेयर का टारगेट प्राइस ₹356 कर दिया है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब NALCO ने अपने ऑपरेशनल वॉल्यूम में जोरदार इजाफा दिखाया है, लेकिन एल्युमिना की कीमतों में आई गिरावट और बाजार की अनिश्चितता ने चिंता बढ़ाई है।
ऑपरेशनल धाकड़ प्रदर्शन, पर कीमतों का डर
NALCO ने Q3 FY26 में अपना ऑपरेशनल प्रदर्शन शानदार रखा। एल्युमिना वॉल्यूम पिछले साल के मुकाबले 8% बढ़कर 403 किलोटन तक पहुंच गया, वहीं मेटल वॉल्यूम 19% की जोरदार छलांग लगाकर 126 किलोटन रहा। एक्सपोर्ट और डोमेस्टिक सेल्स में बढ़त इसका मुख्य कारण रही।
हालांकि, यह वॉल्यूम ग्रोथ एल्युमिना की रियलाइज्ड कीमतों में आई 10.5% की तिमाही-दर-तिमाही गिरावट को पूरी तरह से पाट नहीं सकी, जो गिरकर USD 352 प्रति टन पर आ गई। दूसरी ओर, एल्युमीनियम मेटल की औसत रियलाइज्ड प्राइस 5% बढ़कर USD 3,072 प्रति टन पर पहुंच गई।
शेयरधारकों को डिविडेंड, पर स्टॉक में गिरावट?
कंपनी ने ₹4.50 प्रति शेयर का दूसरा अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) भी घोषित किया है, जिसकी रिकॉर्ड डेट 6 फरवरी, 2026 है। इस तिमाही में कंपनी ने लगभग ₹1,595 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की तुलना में 1.8% ज्यादा है।
इसके बावजूद, नतीजे आने के बाद स्टॉक में गिरावट देखने को मिली। 30 जनवरी, 2026 को शेयर लगभग 10% गिरकर ₹382.95 पर आ गए थे, और 1 फरवरी, 2026 तक यह ₹353.50 तक गिर गए। यह दिखाता है कि निवेशक मार्जिन की स्थिरता को लेकर चिंतित हैं, भले ही कंपनी ने रिकॉर्ड ऑपरेशनल आउटपुट दिखाया हो।
लागत में कटौती और भविष्य की योजनाएं
NALCO लागत कम करने पर लगातार फोकस कर रही है। कंपनी ने पावर, फ्यूल और कर्मचारी खर्चों में बड़ी कमी दर्ज की है, जिसका श्रेय बेहतर कोल यूटिलाइजेशन और सुपरएनुएशन से हुई बचत को जाता है।
कंपनी अपनी बड़ी एक्सपेंशन योजनाओं पर भी काम कर रही है। 1 मिलियन टन प्रति वर्ष की कैपेसिटी वाली एल्युमिना रिफाइनरी और पोट्टंगी बॉक्साइट माइन जून 2026 तक चालू हो जाने की उम्मीद है।
बुलडोजर का दांव और इंडस्ट्री के नए रास्ते
NALCO का बैलेंस शीट काफी मजबूत है और कंपनी लगभग डेट-फ्री (Debt-free) है। इसका रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) लगभग 30.82% है, जो पिछले पांच सालों के औसत से बेहतर है।
सेक्टर में यूरोपीय संघ का कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (CBAM) 2026 से लागू होने वाला है, जिससे भारतीय एक्सपोर्ट पर कार्बन प्राइसिंग का असर पड़ सकता है। NALCO इस चुनौती से निपटने के लिए ग्रीन पावर कैपेसिटी पर विचार कर रही है। वहीं, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे सेक्टर्स से एल्युमीनियम की मांग बढ़ने की उम्मीद है।
ब्रोकरेज की नजर में NALCO
Prabhudas Lilladher का अनुमान है कि लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) की कीमतें बढ़ेंगी, FY27 में USD 3,001 और FY28 में USD 2,932 रह सकती हैं। इससे उनके EBITDA अनुमानों में FY27 के लिए 6% और FY28 के लिए 4% की बढ़त हो सकती है।
ब्रोकरेज फर्म ने 5x EV/EBITDA मल्टीपल के आधार पर ₹356 का टारगेट प्राइस दिया है, जो वर्तमान ट्रेडिंग लेवल (लगभग ₹353-385) से ज्यादा ऊपर जाने की गुंजाइश कम दिखाता है। कंपनी का मजबूत ऑपरेशनल प्रदर्शन और विस्तार योजनाएं अच्छी हैं, लेकिन कमोडिटी की कीमतों की अस्थिरता और रेगुलेटरी बदलावों के कारण 'HOLD' रेटिंग बनी हुई है।