Motilal Oswal Financial Services का बड़ा अनुमान सामने आया है, जिसके मुताबिक अगले एक साल में सोने की कीमतें **₹1.68 लाख** प्रति 10 ग्राम के स्तर को छू सकती हैं।
Motilal Oswal Financial Services के लेटेस्ट प्रोजेक्शन के अनुसार, अगले 6 से 12 महीनों में घरेलू बाजार में सोना ₹1.60 लाख से ₹1.68 लाख प्रति 10 ग्राम तक की दौड़ लगा सकता है। यह आउटलुक ग्लोबल अनिश्चितता और अमेरिकी मौद्रिक नीति (Monetary Policy) के बीच चल रहे संतुलन पर आधारित है।
तेजी की मुख्य वजहें
दुनिया भर के सेंट्रल बैंक अपने रिजर्व को डायवर्सिफाई कर रहे हैं, जिससे सोने को एक मजबूत सपोर्ट मिल रहा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि मार्केट में आने वाली किसी भी गिरावट को निवेशकों के लिए 'खरीदने का मौका' (Buying Opportunity) माना जाना चाहिए, क्योंकि सोने की डिमांड का स्ट्रक्चर अभी भी काफी मजबूत है।
हालाँकि, अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) की नीतियां इस तेजी के रास्ते में बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। फिलहाल ब्याज दरें 3.75% से 4% के बीच हैं, जिससे डॉलर की मजबूती गोल्ड जैसे नॉन-यील्डिंग एसेट पर दबाव डाल रही है।
भारत में निवेश का ट्रेंड
भारत में सोने की बढ़ती कीमतों का असर ज्वेलरी की मांग पर साफ दिख रहा है, जहां लोग अब महंगी ज्वेलरी से दूरी बना रहे हैं। इसके बावजूद, निवेश के नजरिए से गोल्ड अभी भी पहली पसंद बना हुआ है। इसका प्रमाण सितंबर 2026 के डेटा में मिलता है, जहां गोल्ड ETFs में ₹4,450 करोड़ का भारी निवेश आया है।
इसके अलावा, सिल्वर (चांदी) को लेकर भी मार्केट में चर्चा है। हालांकि सिल्वर में सोने के मुकाबले बड़े मुनाफे की संभावना है, लेकिन इसमें उतार-चढ़ाव (Volatility) भी कहीं ज्यादा होता है, जिसके लिए निवेशकों को ज्यादा रिस्क लेने की जरूरत होगी।
