Motilal Oswal ने NMDC पर 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है और शेयर के लिए ₹98 का टारगेट प्राइस तय किया है। कंपनी की मजबूत डोमेस्टिक डिमांड और फाइनेंशियल स्थिरता इस पॉजिटिव आउटलुक की वजह है। हालांकि, हाल ही में आयरन ओर की कीमतों में ₹200 प्रति टन की कटौती हुई है। निवेशक अब 14 अगस्त 2026 को होने वाली बोर्ड मीटिंग का इंतजार कर रहे हैं।
Motilal Oswal का NMDC पर भरोसा
भारत की सबसे बड़ी आयरन ओर उत्पादक कंपनी NMDC पर ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने अपना भरोसा बनाए रखा है। उन्होंने 'Buy' रेटिंग के साथ शेयर के लिए ₹98 का प्राइस टारगेट दिया है। 10 अगस्त 2026 तक, कंपनी के शेयर ₹85 से ₹86 के दायरे में ट्रेड कर रहे थे। ब्रोकरेज का मानना है कि NMDC भारत की बढ़ती स्टील प्रोडक्शन की जरूरतों को पूरा करने के लिए अच्छी स्थिति में है, जो ग्लोबल कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद कंपनी को स्थिर प्रदर्शन बनाए रखने में मदद कर सकता है।
मजबूत वित्तीय स्थिति का सहारा
ब्रोकरेज फर्म का यह पॉजिटिव आउटलुक कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति से भी मजबूत होता है। फाइनेंशियल ईयर 2026 (जो मार्च 2026 में समाप्त हुआ) के लिए, NMDC ने ₹7,414.69 करोड़ का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट और ₹32,070.89 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया था। इसके अलावा, FY26 के अंत तक कंपनी के पास लगभग ₹55 अरब का नेट कैश बैलेंस था। उम्मीद है कि यह मजबूत लिक्विडिटी कंपनी को Deposit-4 और Deposit-13 जैसे कैपिटल स्पेंडिंग प्रोजेक्ट्स को भारी कर्ज लिए बिना फंड करने में मदद करेगी।
नियर-टर्म चुनौतियां
हालांकि, कंपनी को नियर-टर्म में कुछ चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है। 8 अगस्त 2026 को, NMDC ने लंप ओर और फाइन्स, दोनों की कीमतों में ₹200 प्रति टन की कटौती की घोषणा की थी। यह प्राइस कट माइनिंग सेक्टर की बदलती बाजार मांग और प्राइसिंग ट्रेंड्स के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है। निवेशकों के लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि प्रॉफिटेबिलिटी ग्लोबल आयरन ओर की कीमतों में उतार-चढ़ाव से प्रभावित हो सकती है, जिसका असर एक्सपोर्ट रियलाइजेशन पर पड़ता है।
अन्य व्यावसायिक जोखिम
अन्य व्यावसायिक जोखिमों में रेगुलेटरी पॉलिसी में बदलाव की संभावना शामिल है, खासकर माइनिंग लीज को लेकर। साथ ही, डीजल और एक्सप्लोसिव जैसे इनपुट कॉस्ट में बढ़ोतरी से प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव पड़ने का भी जोखिम है। इसके अलावा, किसी भी बड़े माइनिंग प्रोजेक्ट की तरह, एक्सपेंशन प्लान्स को लागू करने में देरी का भी एक अंतर्निहित जोखिम है, जिस पर निवेशक बारीकी से नजर रखते हैं।
बोर्ड मीटिंग पर नजर
कंपनी ने 14 अगस्त 2026 के लिए बोर्ड मीटिंग शेड्यूल की है। इस मीटिंग में मैनेजमेंट से भविष्य के प्रॉफिट और डिमांड ट्रेंड्स का मूल्यांकन करने की उम्मीद है। शेयरधारकों और बाजार पर्यवेक्षकों की नजर इस मीटिंग पर रहेगी कि कंपनी वर्तमान प्राइसिंग दबाव के साथ वॉल्यूम ग्रोथ को कैसे संतुलित करने की योजना बना रही है।
