इस अपग्रेड का मुख्य कारण Vedanta के अर्निंग्स (Earnings) और कैश फ्लो (Cash Flow) में आई जबरदस्त बढ़ोतरी है। मूडीज़ के अनुसार, कंपनी ने अपने प्रमुख सेगमेंट में प्रोडक्शन वॉल्यूम बढ़ाया है और एल्युमीनियम ऑपरेशंस में वर्टिकल इंटीग्रेशन को बेहतर किया है। कमोडिटी की अनुकूल कीमतों का भी कंपनी को बड़ा फायदा मिला है।
विश्लेषकों का अनुमान है कि अगले दो फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) में Vedanta सालाना करीब $7 बिलियन का EBITDA जनरेट कर सकती है। कंपनी का ग्रॉस डेट-टू-EBITDA रेश्यो (Gross Debt-to-EBITDA Ratio) लगभग 2.5x रहने की उम्मीद है। साथ ही, प्रोएक्टिव रीफाइनेंसिंग और $2 बिलियन से अधिक की उपलब्ध क्रेडिट फैसिलिटीज (Credit Facilities) के चलते कंपनी की लिक्विडिटी भी काफी मजबूत हुई है।
हालांकि, Ba3 की रेटिंग अभी भी Vedanta को नॉन-इन्वेस्टमेंट ग्रेड की कैटेगरी में रखती है, जो डिफॉल्ट (Default) के कुछ जोखिमों की ओर इशारा करती है। मूडीज़ ने कंपनी के 'कॉम्प्लेक्स ऑर्गनाइजेशनल स्ट्रक्चर' (Complex Organisational Structure) और 'डेवलपिंग लिक्विडिटी मैनेजमेंट प्रैक्टिसेज' (Developing Liquidity Management Practices) को रेटिंग को सीमित करने वाले अहम फैक्टर बताया है। कंपनी का स्ट्रक्चर काफी पेचीदा है और इसकी ऑपरेटिंग सब्सिडियरीज (Operating Subsidiaries) पर इसका पूरा मालिकाना हक नहीं है। फिच रेटिंग्स (Fitch Ratings) ने भी पहले ग्रुप स्ट्रक्चर और गवर्नेंस स्ट्रक्चर को लेकर 'ESG' कंसर्न्स (ESG Concerns) उठाए थे, जो क्रेडिट क्वालिटी को प्रभावित कर सकते हैं। FY26 में Vedanta का नेट डेट/EBITDA रेश्यो (Net Debt/EBITDA Ratio) 0.95x था, लेकिन मूडीज़ का अगले दो साल के लिए 2.5x का अनुमान कैपिटल एक्सपेंडिचर और शेयरहोल्डर डिस्ट्रिब्यूशन्स के बीच डेट मैनेजमेंट को लेकर थोड़ा सतर्क रवैया दिखाता है।
Vedanta ग्लोबल माइनिंग और मेटल्स सेक्टर में काम करती है, जहां 2026 में प्रोडक्टिविटी और क्रिटिकल मिनरल्स पर फोकस है। फिच ने Vedanta की स्केल और डाइवर्सिफिकेशन को Capstone Copper Corp. और Hudbay Minerals Inc. जैसे साथियों से बेहतर बताया है, जिनकी रेटिंग BB-/Stable है। वहीं, मई 2026 की शुरुआत में Vedanta का शेयर ₹307.75 के आसपास ट्रेड कर रहा था, जिसका ट्रेलिंग बारह महीने का P/E रेश्यो (Trailing Twelve-Month P/E Ratio) 12.68x से 15.4x के बीच रहा।
आगे चलकर, Vedanta की डी-मर्जर (Demerger) स्ट्रेटेजी, जिसका मकसद पांच स्वतंत्र एंटिटीज बनाना है, वैल्यू अनलॉक करने और स्ट्रैटेजिक फोकस को बढ़ाने में अहम साबित होगी। विश्लेषकों को एल्युमीनियम, जिंक और कॉपर जैसी प्रमुख कमोडिटीज में लगातार मजबूत परफॉरमेंस की उम्मीद है, जो ग्लोबल इलेक्ट्रिफिकेशन और इंडस्ट्रियल ग्रोथ के ट्रेंड्स से प्रेरित है। Vedanta की कंसिस्टेंट कैश फ्लो जनरेशन और डेट मैनेजमेंट क्षमताएं ही इसे Ba3 रेटिंग से आगे ले जाने में मदद करेंगी।
