सोने पर मोदी की अपील से ज्वैलरी स्टॉक्स में हाहाकार! Titan, Kalyan Jewellers धड़ाम

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AuthorAditya Rao|Published at:
सोने पर मोदी की अपील से ज्वैलरी स्टॉक्स में हाहाकार! Titan, Kalyan Jewellers धड़ाम
Overview

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से नागरिकों से गैर-ज़रूरी सोने की खरीद को टालने की अपील के बाद भारत के प्रमुख ज्वैलरी स्टॉक्स में भारी गिरावट आई है। Titan, Kalyan Jewellers और Senco Gold & Diamonds जैसे बड़े नामों के शेयरों में **10-14%** तक की बड़ी सेंध लगी है।

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फॉरेक्स चिंताएं और सोने का आयात

प्रधानमंत्री की इस अपील का मुख्य कारण देश के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) को लेकर बढ़ती चिंताएं हैं। हालांकि भारत के पास करीब $690 अरब का भंडार है, लेकिन यह अपने रिकॉर्ड स्तर से कुछ कम हुआ है और अभी लगभग 10-11 महीने के आयात को कवर करने लायक है। ऐसे में, भू-राजनीतिक जोखिमों और कमजोर होते भारतीय रुपये को देखते हुए सरकार आयात को नियंत्रित करने पर जोर दे रही है। आपको बता दें कि फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में सोने का आयात $71.98 अरब तक पहुँच गया था, जो कि इंपोर्ट वॉल्यूम कम होने के बावजूद ट्रेड डेफिसिट को $333.2 अरब तक ले गया।

रिटेलर्स का नया दांव: गोल्ड रीसाइक्लिंग

इस स्थिति से निपटने के लिए, ऑर्गनाइज्ड ज्वैलरी रिटेल सेक्टर अब गोल्ड रीसाइक्लिंग और एक्सचेंज प्रोग्राम्स को जोर-शोर से प्रमोट कर रहा है। इसका मकसद देश में मौजूद 25,000 टन से ज़्यादा के घरेलू सोने के भंडार का इस्तेमाल करना है, ताकि सीधे सोने के आयात पर निर्भरता कम हो सके। Titan के CFO ने बताया कि उनके Tanishq ब्रांड में अब आधे से ज़्यादा ट्रांज़ैक्शन्स एक्सचेंज के ज़रिए ही हो रहे हैं।

गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम पर भी नज़र

सरकार की यह पहल अप्रत्यक्ष रूप से लोगों के पास रखे सोने के विशाल भंडार की ओर इशारा करती है। सालों से चली आ रही गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम (GMS) का मकसद इस निष्क्रिय संपत्ति को ब्याज वाले प्रोडक्ट्स में बदलना और इंपोर्ट पर निर्भरता कम करना रहा है। हालांकि, GMS के नतीजे अब तक मिले-जुले रहे हैं और इसे व्यापक रूप से अपनाने में चुनौतियां बनी हुई हैं। स्कीम को बेहतर बनाने के प्रस्ताव चल रहे हैं, लेकिन इस संपत्ति को घरेलू सप्लाई के लिए जुटाने में अभी भी काफी बाधाएं हैं।

स्टॉक वैल्यूएशन पर भी उठ रहे सवाल

बाजार की इस प्रतिक्रिया ने ज्वैलरी सेक्टर में स्टॉक वैल्यूएशन को लेकर संवेदनशीलता को भी उजागर किया है। मार्केट लीडर Titan Company Ltd, जिसका मार्केट में करीब 8-9% हिस्सा है, करीब 70-80x के ऊंचे P/E रेश्यो पर ट्रेड कर रहा है। वहीं, Kalyan Jewellers India Ltd का P/E रेश्यो करीब 29-34x के आसपास है। Senco Gold & Diamonds का P/E रेश्यो 33.11 के आसपास रहा था। इन कंपनियों का ROCE और ROE भले ही अच्छा हो, पर इम्पोर्ट की चिंताएं और कंज्यूमर खर्च में संभावित कमी के डर से सेक्टर के रेवेन्यू ग्रोथ अनुमान (14-16% FY26 के लिए) के बावजूद निवेशकों का सेंटिमेंट कमजोर पड़ गया है।

भविष्य की राह

विश्लेषकों का मानना है कि ज्वैलरी स्टॉक्स में यह बड़ी गिरावट मुख्य रूप से निवेशक सेंटिमेंट के कारण है, न कि फंडामेंटल्स के कमजोर होने से। हालांकि, इम्पोर्ट की बढ़ती लागत, सरकारी सलाह और वैश्विक सोने की कीमतों में तेज़ी जैसे कारक आने वाले समय में कंज्यूमर डिमांड को प्रभावित कर सकते हैं।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.