Mirae Asset Sharekhan ने निवेशकों को सलाह दी है कि सोने के दाम बढ़ने पर अपनी प्रॉफिट बुकिंग कर लें। ब्रोकरेज का मानना है कि अमेरिका में महंगाई और संभावित ब्याज दरों में बढ़ोतरी सोने की चमक फीकी कर सकती है।
ब्याज दरों का गोल्ड पर गहरा असर
Mirae Asset Sharekhan का मानना है कि अमेरिका में लगातार बढ़ती महंगाई सोने के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। हाल के Producer Price Index (PPI) और Consumer Price Index (CPI) के आंकड़े उम्मीद से कहीं ज्यादा रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि महंगाई की जड़ें काफी गहरी हैं।
गोल्ड एक 'नॉन-यील्डिंग' एसेट है, यानी इसमें निवेश करने पर कोई फिक्स्ड ब्याज या डिविडेंड नहीं मिलता। जब अमेरिका में महंगाई बढ़ती है, तो फेडरल रिजर्व ब्याज दरें ऊंची रखता है। ऐसे में US Treasury Yields बढ़ने के कारण निवेशकों का रुझान बॉन्ड जैसे सुरक्षित और ब्याज देने वाले विकल्पों की तरफ बढ़ जाता है, जो सीधे तौर पर सोने की कीमतों पर दबाव डालता है।
मजबूत अमेरिकी अर्थव्यवस्था से चुनौती
अमेरिकी अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन उम्मीद से अधिक मजबूत बना हुआ है। रिटेल सेल्स के आंकड़े और टेक सेक्टर की अच्छी अर्निंग्स यह संकेत दे रही हैं कि अर्थव्यवस्था ऊँची दरों को भी झेल सकती है। इससे फेडरल रिजर्व को अपनी 'रिस्ट्रिक्टिव पॉलिसी' (Restrictive Policy) को जारी रखने का पूरा स्पेस मिल जाता है, जो सोने के निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।
क्या सुरक्षित निवेश बना रहेगा सोना?
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और ग्लोबल सप्लाई चेन में बाधाओं के चलते सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के रूप में सोने की मांग तो बढ़ती है, लेकिन ब्रोकरेज के मुताबिक ये फैक्टर्स केवल शॉर्ट टर्म के लिए ही सपोर्ट दे सकते हैं।
निवेशकों को अब मुख्य रूप से फेडरल रिजर्व की भविष्य की पॉलिसी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड्स पर नजर रखनी चाहिए। फिलहाल, फंडामेंटल बदलावों के आगे सोने का सुरक्षित निवेश वाला स्टेटस कमजोर पड़ता दिख रहा है।
