Mirae Asset Sharekhan के मुताबिक, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से सोने की चमक वापस लौट रही है। गोल्ड जल्द ही $4,535 के स्तर तक पहुंच सकता है।
सोने की वापसी की कहानी
अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी के बाद सोने की कीमतों में गिरावट देखी गई थी, लेकिन अब पीली धातु फिर से संभलती नजर आ रही है। हाल ही में सोने में 3% की गिरावट के बाद 2.2% का उछाल दर्ज किया गया है। Mirae Asset Sharekhan को उम्मीद है कि अगर अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट का सिलसिला जारी रहता है, तो सोना $4,535 के रेजिस्टेंस लेवल को टेस्ट कर सकता है।
यील्ड और डॉलर का कनेक्शन
सोने की चाल पूरी तरह से ब्याज दरों और बॉन्ड यील्ड से जुड़ी होती है। चूंकि गोल्ड पर कोई ब्याज नहीं मिलता, इसलिए बॉन्ड यील्ड के बढ़ने पर निवेशक इससे दूर हो जाते हैं। हाल ही में अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई नरमी ने सोने को सहारा दिया है। साथ ही, अमेरिकी डॉलर की कमजोरी ने भी गोल्ड की कीमतों को सपोर्ट प्रदान किया है।
कच्चे तेल की चाल और रिस्क
कच्चे तेल की कीमतें सीधे महंगाई से जुड़ी हैं। यदि क्रूड ऑयल सस्ता रहता है, तो महंगाई का दबाव कम होता है और केंद्रीय बैंकों पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव कम हो जाता है। हालांकि, Mirae Asset Sharekhan ने आगाह किया है कि अगर कच्चे तेल की कीमतों में फिर से आग लगी, तो महंगाई का डर बढ़ सकता है, जो सोने की इस रिकवरी को रोक सकता है।
निवेशकों के लिए अहम लेवल
इन्वेस्टर्स फिलहाल $4,200 से $4,220 के सपोर्ट जोन पर नजर बनाए हुए हैं। अगर मार्केट सेंटिमेंट बिगड़ता है, तो यह लेवल काफी महत्वपूर्ण साबित होगा। भारतीय निवेशकों के लिए ग्लोबल मार्केट्स में हो रही ये हलचल बेहद मायने रखती है, क्योंकि इसका सीधा असर भारत में सोने के आयात और ज्वैलरी की कीमतों पर पड़ता है।
