सोने के एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) सेगमेंट में हाल के दिनों में मिला-जुला प्रदर्शन देखने को मिला है। **22 जुलाई 2026** तक, Mirae Asset Gold ETF ने पिछले एक महीने में **-1.5%** का रिटर्न दिया है, जो **₹1,500 करोड़** से ज़्यादा एसेट वाले गोल्ड ETF कैटेगरी में सबसे अच्छा प्रदर्शन है।
Detailed Coverage
एक महीने में कौन रहा आगे?
बाजार की अस्थिरता (volatility) के बीच, Mirae Asset Gold ETF ने पिछले एक महीने में -1.5% का रिटर्न दर्ज किया है। इसी अवधि में DSP Gold ETF और Aditya Birla SL Gold ETF का रिटर्न भी -1.5% रहा। हालांकि, ICICI Prudential Gold ETF जैसे फंड्स का एसेट बेस काफी बड़ा है, जो लगभग ₹25,226 करोड़ है।
लंबी अवधि का प्रदर्शन
सिर्फ एक महीने के रिटर्न को देखकर अंदाज़ा लगाना मुश्किल है। Mirae Asset Gold ETF का पिछले छह महीने का रिटर्न -4.1% रहा है। लेकिन, पिछले एक साल में इस फंड ने अपने बेंचमार्क इंडेक्स को 34% से ज़्यादा अंकों से पीछे छोड़ते हुए शानदार ग्रोथ दिखाई है।
दूसरे फंड्स के प्रदर्शन पर नज़र डालें तो, Aditya Birla SL Gold ETF ने पिछले एक साल में 44.6% का ज़बरदस्त रिटर्न दिया है, वहीं ICICI Prudential Gold ETF तीन साल की अवधि में 33.3% रिटर्न के साथ सबसे आगे रहा है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
गोल्ड ETF में निवेश करके निवेशक सीधे सोने की कीमतों में एक्सपोजर पा सकते हैं, बिना फिजिकल गोल्ड रखने की झंझट के। फंड्स के बीच प्रदर्शन का अंतर एक्सपेंस रेश्यो, ट्रैकिंग एरर और लिक्विडिटी जैसे कारणों से हो सकता है। ज़्यादा ट्रैकिंग एरर फंड के रिटर्न को सोने की असली कीमत से भटका सकता है। ऐसे में, निवेशक लंबी अवधि के ट्रैक रिकॉर्ड और बेंचमार्क के मुकाबले फंड की कंसिस्टेंसी देखकर ही निवेश का फैसला लें।
