नाजुक संतुलन का खेल
25 फरवरी 2026 को स्पॉट गोल्ड (Spot Gold) की कीमतें लगभग $5,190.36 प्रति औंस के आसपास स्थिर हुईं। इस स्थिरता के पीछे प्रॉफिट-टेकिंग (Profit-taking) और अमेरिकी डॉलर (U.S. Dollar) का मजबूत होना मुख्य कारण रहा। वहीं, स्पॉट सिल्वर (Spot Silver) में थोड़ी नरमी दिखी और यह $88.26 प्रति औंस पर पहुंच गया। यह ठहराव कई विपरीत आर्थिक ताकतों के बीच आया है। बाजार की नजरें अमेरिकी डॉलर की चाल पर टिकी हैं, जिसका इंडेक्स मामूली रूप से ऊपर गया। हालांकि, कीमती धातुओं के फंडामेंटल ड्राइवर्स में टकराव दिख रहा है। बाजार फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) द्वारा इस साल ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कर रहा है, जिसके फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स 25-25 बेसिस-पॉइंट की तीन कट की ओर इशारा कर रहे हैं। यह गैर-उपज वाली संपत्तियों जैसे गोल्ड के लिए सैद्धांतिक रूप से सपोर्टिव है। लेकिन, फेड अधिकारियों के ऐसे संकेत कि वे तुरंत कोई नीतिगत बदलाव नहीं करेंगे, इस उम्मीदों को चुनौती दे रहे हैं।
जानकारों की नजर में क्या है खास
विश्लेषकों के अनुसार, पिछले एक साल में गोल्ड की कीमतों में करीब 77.80% का उछाल आया है, जो 2026 की शुरुआत में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचीं। सिल्वर ने तो इससे भी कहीं ज्यादा, पिछले साल के मुकाबले लगभग 176.82% की छलांग लगाई है। JP Morgan के एनालिस्ट्स का मानना है कि 2026 में सिल्वर की कीमतें औसतन $81/औंस रह सकती हैं, जो 2025 के औसत से दोगुना से भी ज्यादा है। सिल्वर में यह भारी तेजी रिकॉर्ड इंडस्ट्रियल डिमांड (Industrial Demand) के कारण आई है, खासकर सोलर फोटोवोल्टिक मैन्युफैक्चरिंग (Solar photovoltaic manufacturing) और AI डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर (AI data center infrastructure) में। इसके अलावा, लगातार छठे साल सप्लाई डेफिसिट (Supply deficit) भी एक बड़ी वजह है। इसके बावजूद, 2026 के लिए सिल्वर के अनुमान $44 से $125 प्रति औंस तक फैले हुए हैं, जबकि आम सहमति $80/औंस के आसपास है। यह इसकी दोहरी भूमिका - इंडस्ट्रियल और मॉनेटरी मेटल (Monetary Metal) - पर विश्लेषकों की राय में मतभेद को दर्शाता है। गोल्ड के लिए 2026 के अनुमान $5,400 से $6,000 प्रति औंस के बीच हैं, और कुछ का अनुमान $6,300 तक जाता है। इन बुलिश आउटलुक (Bullish outlook) के पीछे लगातार इन्फ्लेशन कंसर्न्स (Inflation concerns), सेंट्रल बैंक एक्युमुलेशन (Central bank accumulation) और जारी भू-राजनीतिक तनाव प्रमुख हैं। गोल्ड-टू-सिल्वर रेश्यो (Gold-to-silver ratio), जो ऐतिहासिक रूप से 70:1 और 85:1 के बीच रहा है, वर्तमान में 15 साल के निचले स्तर के करीब है, जो गोल्ड की तुलना में सिल्वर के मजबूत प्रदर्शन का संकेत देता है।
जोखिमों पर एक नजर
कीमती धातुओं में मौजूदा संतुलन बेहद नाजुक है। सबसे बड़ा जोखिम अमेरिकी डॉलर (U.S. Dollar) की मजबूती से आता है। ऐतिहासिक रूप से, डॉलर-डोमिनेटेड कमोडिटीज (Dollar-dominated commodities) जैसे गोल्ड और सिल्वर, विदेशी खरीदारों के लिए महंगी हो जाती हैं, जिससे उनकी तेजी पर लगाम लग सकती है। इसके अलावा, नए वैश्विक आयात टैरिफ (Global import tariffs) की शुरुआत, जो 10% से शुरू होकर 15% तक जा सकती है, ट्रेड पॉलिसी अनिश्चितता (Trade policy uncertainty) पैदा करती है। ऐतिहासिक रूप से, ऐसे टैरिफ एक्शन इकोनॉमिक अनिश्चितता (Economic uncertainty) और इन्फ्लेशन कंसर्न्स (Inflation concerns) को बढ़ाते हैं, जिससे गोल्ड की सेफ-हेवन डिमांड (Safe-haven demand) बढ़ती है, लेकिन सिल्वर की इंडस्ट्रियल डिमांड (Industrial demand) के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं। हालांकि AI-संचालित आशावाद (AI-driven optimism) के कारण ग्लोबल इक्विटीज (Global equities) को बढ़ावा मिल रहा है, जो कीमती धातुओं में सेफ-हेवन फ्लो (Safe-haven flows) को कम कर सकता है। लेकिन, भू-राजनीतिक तनाव में कोई भी वृद्धि, जैसे ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत, गोल्ड की मांग को तेजी से फिर से जगा सकती है। सिल्वर की कीमतों में तेज उछाल, भले ही इंडस्ट्रियल डिमांड से प्रेरित हो, लंबे समय में लागत में भारी वृद्धि होने पर डिमांड कम होने की चिंताएं भी पैदा करती है। सिल्वर के लिए विश्लेषकों के व्यापक पूर्वानुमान ($44-$125/औंस) भी इसमें काफी अस्थिरता और तेज कीमत उतार-चढ़ाव की संभावना को उजागर करते हैं।
भविष्य की राह
बाजार प्रतिभागी अमेरिकी ट्रेड पॉलिसी (U.S. trade policy) और भू-राजनीतिक हॉटस्पॉट (Geopolitical hotspots) में होने वाले घटनाक्रमों पर लगातार नजर रख रहे हैं। मौजूदा माहौल में लगातार अस्थिरता बनी रहने की उम्मीद है। LKP Securities के अनुसार, गोल्ड फ्यूचर्स (Gold futures) के लिए सपोर्ट लगभग ₹1,58,000 प्रति 10 ग्राम के आसपास और रेसिस्टेंस (Resistance) लगभग ₹1,62,000 प्रति 10 ग्राम पर रहने की उम्मीद है। कोई भी बड़ा भू-राजनीतिक घटनाक्रम, चाहे वह तनाव का बढ़ना हो या बातचीत का टूटना, सेफ-हेवन बाइंग (Safe-haven buying) को तुरंत फिर से जगा सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि इन्फ्लेशन ट्रेंड्स, फेडरल रिजर्व की नीति और अप्रत्याशित भू-राजनीतिक घटनाओं पर निर्भर करते हुए, 2026 के अधिकांश समय गोल्ड $5,000 और $6,000 के बीच कारोबार कर सकता है। बाजार मौद्रिक नीति की उम्मीदों, मुद्रा की गतिशीलता और इंडस्ट्रियल डिमांड ड्राइवर्स के एक जटिल इंटरप्ले (interplay) को नेविगेट कर रहा है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि कीमती धातुएं पूरे साल निवेशकों के लिए एक मुख्य आकर्षण बनी रहेंगी।