टैरिफ से राहत नहीं, पर मेटल कंपनियों को अप्रत्यक्ष फायदा
ICICI Securities के वाइस प्रेसिडेंट (Vice President) विकेश सिंह ने साफ किया है कि इस नए भारत-अमेरिका ट्रेड एग्रीमेंट (Trade Agreement) में स्टील और एल्यूमीनियम जैसी धातुओं (Metals) पर अमेरिकी टैरिफ (Tariff) में कोई कटौती नहीं हुई है। इन पर 50% का इंपोर्ट टैरिफ (Import Tariff) बरकरार रहेगा। यह उन दूसरी भारतीय एक्सपोर्ट्स (Exports) से अलग है, जिन पर टैरिफ को 50% से घटाकर 18% कर दिया गया है।
सेक्टर पर फोकस और स्टॉक पिक्स
सीधे तौर पर टैरिफ में राहत न मिलने के बावजूद, ट्रेड फ्लो (Trade Flow) बढ़ने वाले दूसरे सेक्टर्स (Sectors) से मेटल कंपनियों को अप्रत्यक्ष (Indirect) रूप से मांग का फायदा मिल सकता है। सिंह का कहना है कि लंबी अवधि (Long-term) में कुछ चुनिंदा मेटल स्टॉक्स, जिनमें Vedanta भी शामिल है, पर सकारात्मक (Positive) रुख बना हुआ है।
फेरस मेटल्स में मजबूत डिमांड, चांदी चमकी
मेटल सेक्टर के भीतर, ICICI Securities फिलहाल नॉन-फेरस (Non-ferrous) की तुलना में फेरस मेटल्स (Ferrous Metals) को ज्यादा तरजीह दे रही है। इसकी वजह आने वाले महीनों में मजबूत मांग की उम्मीद है, जो पीक सीजन (Peak Season) के साथ मेल खा रही है। फेरस मेटल्स में Tata Steel को पसंदीदा पिक (Preferred Pick) बताया गया है, जबकि Vedanta अपनी कमोडिटी (Commodity) एक्सपोजर और डिमांड आउटलुक के चलते नॉन-फेरस कैटेगरी में एक अहम विकल्प बनी हुई है।
चांदी के दाम में बड़ा उछाल
कमोडिटी की कीमतों के अनुमानों (Forecasts) में भी बड़े बदलाव किए गए हैं। चांदी (Silver) की कीमतों के अनुमानों को काफी ऊपर ले जाया गया है। अब $90 प्रति औंस (Ounce) का अनुमान लगाया जा रहा है, जो पहले के $53-$57 प्रति औंस के अनुमानों से काफी ज्यादा है। यह अपग्रेड चांदी के लिए बुलिश सेंटीमेंट (Bullish Sentiment) का संकेत देता है।