मेटल स्टॉक्स में सुनामी: भू-राजनीतिक तनाव और डॉलर की चाल ने डुबोए शेयर!

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
मेटल स्टॉक्स में सुनामी: भू-राजनीतिक तनाव और डॉलर की चाल ने डुबोए शेयर!
Overview

पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और डॉलर की मजबूती के चलते बुधवार, 2 मार्च 2026 को भारतीय मेटल स्टॉक्स में भारी गिरावट आई। Nifty Metal इंडेक्स दिन के कारोबार में **4%** तक लुढ़क गया और यह दिन का सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा।

इस तेज बिकवाली की मुख्य वजह वैश्विक बाज़ारों से मिले चिंताजनक संकेत थे। पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी डॉलर का लगातार मजबूत होना, दोनों ने मिलकर मेटल सेक्टर में बिकवाली को हवा दी।

Nifty Metal इंडेक्स 4% की गिरावट के साथ दिन के निचले स्तर 11,773.85 पर आ गया, जबकि व्यापक Nifty 50 इंडेक्स 1.93% नीचे था।

विश्लेषकों के अनुसार, US Dollar Index (DXY) का 99.5-100 के स्तर के करीब पहुंचना और सुरक्षित संपत्तियों (safe-haven assets) की ओर निवेशकों का झुकाव, इस गिरावट का एक बड़ा कारण बना। SBI Securities में एनालिस्ट Sunny Agrawal ने डॉलर की मजबूती को बिकवाली का मुख्य ट्रिगर बताया।

पश्चिम एशिया में संघर्ष के बढ़ने से कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उछाल आया, जिससे ऊर्जा-गहन मेटल उत्पादन पर महंगाई का दबाव बढ़ा। खास तौर पर, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रास्ते सप्लाई के लिए संवेदनशील एल्यूमीनियम की कीमतों में 3% का इजाफा हुआ और यह $3,230/t पर पहुंच गया। हालांकि, कॉपर और अन्य बेस मेटल्स में प्रतिक्रिया कुछ कम दिखी।

लेकिन इस गिरावट के पीछे एक गहरी साइक्लिकल कमजोरी भी छिपी है। Nifty Metal इंडेक्स पिछले 12 महीनों में 48.93% और पांच सालों में 200% से ज़्यादा भागा था, जो कि एक करेक्शन (correction) का संकेत दे रहा था। Equinomics Research के Founder G Chokkalingam का मानना है कि औद्योगिक धातुएं (industrial metals) आर्थिक मंदी की आशंकाओं के प्रति बहुत संवेदनशील होती हैं, और इस बड़ी तेजी के बाद करेक्शन आना स्वाभाविक था।

FY26 में स्टील की अनुमानित 8% की डिमांड ग्रोथ के बावजूद, बढ़ती ग्लोबल सप्लाई और कीमतों में नरमी के चलते प्रॉफिट मार्जिन 12.5% के आसपास ही बने रहने की उम्मीद है। इससे कई उत्पादकों की कमाई की संभावना सीमित हो जाती है।

कई बड़ी मेटल कंपनियों के वैल्यूएशन (valuation) भी काफी बढ़ गए थे। मार्च 2026 की शुरुआत में Steel Authority of India (SAIL) का P/E रेश्यो लगभग 27.90-33.0 था, जबकि Jindal Steel Ltd. का P/E 44.79 था। National Aluminium Company (NALCO) का P/E रेश्यो करीब 10.59-11.56 होने के बावजूद, इसका प्राइस टू बुक रेश्यो (Price to Book ratio) बढ़ा हुआ था।

कई प्रमुख एनालिस्टों का मेटल स्टॉक्स पर नज़रिया सतर्क या नकारात्मक है। Kotak Institutional Equities ने Tata Steel (Target ₹160), SAIL (Target ₹105) और NMDC (Target ₹78) पर 'Sell' रेटिंग दी है।

आगे चलकर, भारतीय मेटल सेक्टर के लिए मिली-जुली तस्वीर है। एक ओर जहां इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रीन एनर्जी से मजबूत घरेलू मांग और सरकारी नीतियों का सहारा है, वहीं दूसरी ओर वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक झटके और स्टील जैसे सेगमेंट में ओवरसप्लाई जैसी समस्याएं बनी हुई हैं।

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