मेटल शेयरों में भारी गिरावट! निवेशकों ने की Profit Booking, US Fed की चिंताओं ने बढ़ाई मुश्किलें

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AuthorMehul Desai|Published at:
मेटल शेयरों में भारी गिरावट! निवेशकों ने की Profit Booking, US Fed की चिंताओं ने बढ़ाई मुश्किलें
Overview

ग्लोबल मार्केट से मिले ख़राब संकेतों और Profit Booking के चलते आज भारतीय शेयर बाज़ार में मेटल शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। Nifty Metal Index लगभग **5%** टूट गया, जिसने हालिया तेज़ी पर ब्रेक लगा दिया।

मेटल शेयरों में आई तूफानी गिरावट

30 जनवरी 2026 का दिन मेटल सेक्टर के लिए बड़ी गिरावट वाला रहा। Nifty Metal Index 4.98% लुढ़क कर 11,855.85 पर बंद हुआ। इस भारी बिकवाली ने पिछले तीन दिनों में आई करीब 9% की तेज़ी पर पानी फेर दिया। आपको बता दें कि यह इंडेक्स 29 जनवरी को अपने ऑल-टाइम हाई 12,399 के स्तर पर पहुंचा था। इस गिरावट का असर बड़े और छोटे, सभी मेटल स्टॉक्स पर देखने को मिला। Hindustan Copper के शेयर 10.5% गिरकर ₹680 पर आ गए, जबकि एक दिन पहले ही यह स्टॉक अपने रिकॉर्ड हाई ₹760.05 पर था। इसी तरह National Aluminium Company (NALCO) के शेयर करीब 10%, Vedanta 8%, Hindustan Zinc 7%, Hindalco Industries 6.5%, NMDC 6% और SAIL 5% तक नीचे आ गए।

गिरावट के पीछे क्या थे कारण?

इस तेज़ गिरावट का सबसे बड़ा कारण Profit Booking नज़र आया। दरअसल, पिछले एक महीने में Nifty Metal Index 16% का ज़बरदस्त उछाल दिखा चुका था, जबकि Nifty 50 में इसी दौरान 2% की गिरावट आई थी। ऐसे में, जब कई स्टॉक्स अपने रिकॉर्ड हाई पर पहुंचे, तो निवेशकों ने मुनाफ़ा बुक करना शुरू कर दिया।

इसके अलावा, ग्लोबल कमोडिटी (Commodity) बाज़ारों में भी मंदी छाई रही। MCX पर सोने और चांदी के फ्यूचर्स (Futures) करीब 6% गिरे, जबकि कॉपर और एल्युमीनियम के फ्यूचर्स में भी 4% तक की गिरावट आई।

तीसरा और अहम कारण रहा अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) को लेकर चिंताएं। राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा फेड के अगले प्रमुख के नाम की घोषणा की अटकलों ने बाज़ार में यह डर पैदा कर दिया कि नई नीतियां सख्त हो सकती हैं। इस खबर से अमेरिकी डॉलर (Dollar) मज़बूत हुआ, जिससे डॉलर-डिनॉमिनेटेड कमोडिटीज़ (Dollar-denominated commodities) विदेशी निवेशकों के लिए कम आकर्षक हो गईं।

Vedanta के दमदार नतीजों के बावजूद गिरावट

इस बिकवाली वाले माहौल में Vedanta ने अक्टूबर-दिसंबर तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे पेश किए, जो काफी मज़बूत थे। कंपनी का नेट प्रॉफिट (Net Profit) पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 60% बढ़कर ₹7,807 करोड़ हो गया, जबकि रेवेन्यू (Revenue) 19% की बढ़ोतरी के साथ ₹45,899 करोड़ रहा। इन शानदार आंकड़ों के बावजूद, Vedanta के शेयर 8% से ज़्यादा गिरे। यह दिखाता है कि कैसे बड़े मैक्रोइकॉनॉमिक (Macroeconomic) और बाज़ार की भावनाएं व्यक्तिगत कंपनी के प्रदर्शन पर हावी हो सकती हैं। कंपनी का EBITDA भी 37% बढ़कर ₹6,866 करोड़ रहा।

सेक्टर का आउटलुक

मेटल सेक्टर ने पिछले साल Nifty 50 के मुकाबले काफी अच्छा प्रदर्शन किया है, जहां Nifty Metal Index 50% चढ़ा, वहीं Nifty 50 9.74% ही बढ़ा। कॉपर, सिल्वर जैसी कमोडिटीज़ की मज़बूत मांग के चलते इस सेक्टर को सपोर्ट मिलने की उम्मीद है। हालांकि, फिलहाल अमेरिकी मॉनेटरी पॉलिसी (Monetary Policy) और डॉलर की मज़बूती को लेकर बनी अनिश्चितता मेटल स्टॉक्स पर दबाव बनाए रख सकती है।

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