MOIL ने सितंबर में मैंगनीज उत्पादन में **19%** की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की है, जिससे आउटपुट **1.81 लाख टन** पर पहुंच गया है। मजबूत प्रदर्शन के बीच कंपनी ने **1 अक्टूबर** से कीमतों में **5%** की बढ़ोतरी का ऐलान किया है, लेकिन इसके बावजूद पिछले एक साल में शेयर **34%** से अधिक टूटा है।
उत्पादन में तेजी और कीमतों में इजाफा
MOIL Limited ने सितंबर 2026 में मैंगनीज उत्पादन में 19% की वृद्धि के साथ 1.81 लाख टन का आंकड़ा छुआ है। पिछले साल इसी महीने यह उत्पादन 1.52 लाख टन था। इस रफ्तार के साथ, फाइनेंशियल ईयर 2026-27 की पहली छमाही में कंपनी ने कुल 9.61 लाख टन मैंगनीज का उत्पादन कर लिया है और अब कंपनी का लक्ष्य साल भर में 25.85 लाख टन के उत्पादन का है।
मुनाफे को और बेहतर बनाने के लिए, कंपनी ने 1 अक्टूबर 2026 से सभी मैंगनीज ओरे ग्रेड्स की कीमतों में 5% की बढ़ोतरी लागू कर दी है। इससे पहले पहली तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 70.1% बढ़कर ₹87.6 करोड़ रहा था, जिसमें ऑपरेटिंग मार्जिन 36.6% बना हुआ है। कंपनी पूरी तरह से डेट-फ्री है, जो इसे अन्य कमोडिटी कंपनियों के मुकाबले मजबूत स्थिति में रखता है।
शेयर में गिरावट क्यों?
शानदार ऑपरेशनल आंकड़ों के बावजूद, पिछले एक साल में स्टॉक 34% से अधिक नीचे गिरा है। इसकी बड़ी वजह मैंगनीज सेक्टर का साइक्लिकल (Cyclical) होना है। MOIL पूरी तरह से स्टील और फेरो-अलॉय इंडस्ट्री पर निर्भर है। अगर स्टील की मांग कम होती है या वैश्विक स्तर पर मैंगनीज की कीमतें नरम पड़ती हैं, तो इसका सीधा असर कंपनी के वॉल्यूम और प्राइसिंग पावर पर पड़ता है।
कानूनी और ऑपरेशनल रिस्क
निवेशकों को कंपनी के सामने चल रहे कानूनी विवादों पर भी नजर रखनी चाहिए। टिरोडी माइन (Tirodi Mine) में पर्यावरणीय उल्लंघन के मामले में कंपनी पर ₹17.32 करोड़ की आकस्मिक देनदारी (Contingent Liability) का विवाद चल रहा है। हालांकि यह कोई नया मुद्दा नहीं है, लेकिन शेयरधारकों के लिए यह एक अहम चिंता का विषय बना हुआ है। भविष्य में कंपनी का प्रदर्शन इस बात पर निर्भर करेगा कि वह वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव और घरेलू मांग को कैसे मैनेज करती है।
