MCX पर जिंक फ्यूचर्स **₹420/kg** के स्तर पर स्थिर है। ग्लोबल मार्केट में सप्लाई की किल्लत और घरेलू मांग के चलते मेटल ने निचले स्तरों से रिकवरी दिखाई है, लेकिन डाउनस्ट्रीम इंडस्ट्री की चिंताएं अभी बरकरार हैं।
बाजार की मौजूदा स्थिति
8 अक्टूबर, 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर जिंक फ्यूचर्स ₹420.35/kg के लेवल पर मजबूती के साथ ट्रेड कर रहा है। मेटल ने इस महीने की शुरुआत में देखे गए 6 हफ्ते के निचले स्तर से शानदार वापसी की है, जिसका मुख्य श्रेय सप्लाई-साइड की चुनौतियों और स्पॉट मार्केट की स्थिर खपत को जाता है।
क्यों बढ़ रही हैं कीमतें?
जिंक की कीमतों में आई इस तेजी के पीछे दो बड़े कारण हैं। पहला, पश्चिमी देशों के स्मेलटर्स में जारी उत्पादन संकट, और दूसरा, ग्लोबल इन्वेंट्री में आई भारी गिरावट। इन दोनों फैक्टर्स ने जिंक की कीमतों को एक मजबूत सपोर्ट दिया है, जिससे इंडस्ट्रियल मेटल्स में आई हालिया वोलेटिलिटी (volatility) से इसे उबरने में मदद मिली है।
निवेशकों के लिए जोखिम और चुनौतियां
हालांकि सेंटीमेंट सकारात्मक है, लेकिन बाजार अभी भी चीन जैसे बड़े कंज्यूमर्स के मैक्रो-इकोनॉमिक डेटा के प्रति बेहद संवेदनशील है। यदि चीन के पोर्ट्स से इन्वेंट्री फ्लो या मैन्युफैक्चरिंग डेटा में कोई बड़ा बदलाव आता है, तो कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
इसके अलावा, कच्चे माल की बढ़ती लागत के चलते डाउनस्ट्रीम सेक्टर की कंपनियां अब खरीदारी में सावधानी बरत रही हैं। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में ग्लोबल इन्वेंट्री डेटा और प्रमुख स्मेलटर्स के प्रोडक्शन आउटपुट पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सप्लाई की कमी, खरीदारों की सावधानी पर भारी पड़ती है या नहीं।
