MCX Share Price: भू-राजनीतिक टेंशन का फायदा! सोने-चांदी की चमक में शेयर **4%** चढ़ा, पर वैल्यूएशन पर सवाल

COMMODITIES
Whalesbook Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
MCX Share Price: भू-राजनीतिक टेंशन का फायदा! सोने-चांदी की चमक में शेयर **4%** चढ़ा, पर वैल्यूएशन पर सवाल
Overview

Multi Commodity Exchange (MCX) के शेयरों में 2 मार्च 2026 को भू-राजनीतिक तनाव के कारण आई तेज़ी के चलते शानदार उछाल देखा गया, जो सोने-चांदी की कीमतों में आई भारी बढ़त से प्रेरित था। इस वजह से स्टॉक में **4%** तक की तेजी दर्ज की गई।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशकों का रुझान सुरक्षित माने जाने वाले निवेशों की ओर बढ़ा है। इसी का नतीजा है कि मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) के शेयरों में 2 मार्च 2026 को जोरदार तेजी देखी गई।

भू-राजनीतिक तनाव और कमोडिटी की तेज़ी: MCX के शेयरों को पंख

2 मार्च 2026 को, MCX के शेयर इंट्राडे में 4% तक उछलकर ₹2,534.30 के स्तर पर पहुंचे। मिड-मॉर्निंग तक, ये शेयर 2% की बढ़त के साथ ₹2,492 पर ट्रेड कर रहे थे। यह उछाल MCX प्लेटफॉर्म पर सोना और चांदी की कीमतों में आई जबरदस्त वृद्धि के साथ सीधे तौर पर जुड़ा हुआ था। अप्रैल 2026 डिलीवरी वाले गोल्ड फ्यूचर्स ₹5,811 से अधिक बढ़कर ₹1,67,915 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गए, वहीं मार्च 2026 डिलीवरी वाले सिल्वर फ्यूचर्स लगभग ₹9,492 की बढ़त के साथ ₹2,84,490 प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहे थे। यह सब मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिमों का सीधा परिणाम है, जिसने सुरक्षित निवेश माने जाने वाले कीमती धातुओं की ओर निवेशकों को आकर्षित किया। Axis Securities के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट राजेश पालविया ने कहा कि MCX ने ₹2,460 के महत्वपूर्ण लेवल को टेक्निकल ब्रेकआउट के साथ पार किया है। उनका मानना है कि यदि शेयर इस स्तर को बनाए रखता है, तो यह ₹2,650 तक जा सकता है। इस दौरान एक्सचेंज पर लगभग 2.2 मिलियन इक्विटीज का ट्रेड हुआ।

वैल्यूएशन पर सवाल और बाज़ार का नज़रिया

हालांकि MCX को कमोडिटी की कीमतों में आई अस्थिरता से फायदा मिल रहा है, लेकिन कंपनी का मौजूदा वैल्यूएशन जांच का विषय बना हुआ है। फरवरी/मार्च 2026 तक कंपनी का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो लगभग 66.31 से 98.05 के बीच है। यह इसके पिछले 10 साल के औसत P/E रेश्यो (लगभग 57.30) से काफी अधिक है। इसकी तुलना में, इसी क्षेत्र की कंपनी BSE का P/E रेश्यो लगभग 51.2x से 83.16x है, जिससे MCX का वैल्यूएशन महंगा नज़र आता है। यह खासकर इसलिए है क्योंकि MCX का पूरा बिज़नेस मॉडल सीधे तौर पर कमोडिटी की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है। MCX का भारतीय कमोडिटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट में लगभग 96.8% का दबदबा है, जो इसके रेवेन्यू का मुख्य आधार है। हालांकि, 2 मार्च 2026 को व्यापक भारतीय इक्विटी मार्केट दबाव में था, जहां सेंसेक्स और निफ्टी वैश्विक अनिश्चितताओं, तेल की बढ़ती कीमतों और फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FII) की बिकवाली के कारण गिरावट में थे। यह स्पष्ट करता है कि MCX की वर्तमान मजबूती बाज़ार की व्यापक तेज़ी के बजाय कमोडिटी कीमतों में आए उछाल का परिणाम है।

अति-मूल्यांकन (Overvaluation) और अनिश्चित भविष्य

भू-राजनीतिक घटनाओं पर तत्काल सकारात्मक प्रतिक्रिया के बावजूद, MCX का वैल्यूएशन एक महत्वपूर्ण जोखिम प्रस्तुत करता है। लगभग तीन अंकों के करीब या ऐतिहासिक औसत से काफी ऊपर चल रहा P/E रेश्यो दर्शाता है कि बाज़ार भविष्य में भारी ग्रोथ की उम्मीद कर रहा है, जो इसके कमोडिटी बाज़ार की अस्थिरता पर निर्भरता को देखते हुए टिकाऊ नहीं हो सकता है। वर्तमान उछाल, जो कि अस्थायी भू-राजनीतिक कारकों से प्रेरित है, तनाव कम होने पर करेक्शन का शिकार हो सकता है। BSE जैसे अन्य फाइनेंशियल एक्सचेंजों के विपरीत, MCX का मुख्य व्यवसाय सीधे तौर पर कमोडिटी की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव से जुड़ा है। भले ही MCX का कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग में एकाधिकार (~96.8% मार्केट शेयर) हो, लेकिन यह दबदबा वैल्यूएशन में गिरावट से तब तक नहीं बचाता, जब तक कि अंतर्निहित कमोडिटी बाज़ार स्थिर या गिरावट में न आ जाएं। इसके अतिरिक्त, Axis Securities के हालिया विश्लेषक सेंटीमेंट ₹2,650 के टारगेट की ओर इशारा करते हैं, लेकिन ऊंचा P/E रेश्यो बताता है कि स्टॉक एक ऐसे प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है जो टिकाऊ नहीं हो सकता है, खासकर अगर कमोडिटी ट्रेडिंग वॉल्यूम कम हो जाएं।

आगे का नज़रिया

मार्च 2026 की शुरुआत में भारतीय बाज़ार के लिए आउटलुक सतर्क बना हुआ है, जहां बाज़ार में साइडवेज मूवमेंट और लगातार अस्थिरता की उम्मीद है। यह स्थिति भू-राजनीतिक घटनाओं और FII के पैसों की निकासी से और गंभीर हो सकती है। होली के अवकाश (3 मार्च 2026) के कारण बाज़ार बंद रहेगा, जिससे संभवतः छुट्टियों से पहले वॉल्यूम में कुछ समायोजन देखे जा सकते हैं। जबकि MCX वर्तमान कमोडिटी प्राइस स्ट्रेंथ का लाभ उठाने के लिए तैयार है, इस ट्रेंड की निरंतरता मिडिल ईस्ट में चल रहे शत्रुतापूर्ण माहौल की अवधि और तीव्रता पर निर्भर करेगी। राजेश पालविया जैसे एनालिस्ट ₹2,460 के सपोर्ट लेवल से ऊपर बने रहने तक सकारात्मक अल्पकालिक दृष्टिकोण बनाए हुए हैं। हालांकि, ऊंचा वैल्यूएशन और व्यापक आर्थिक अनिश्चितताएं बताती हैं कि भू-राजनीतिक तनाव में किसी भी तरह की कमी वर्तमान में हुए मुनाफे में तेज़ी से गिरावट ला सकती है।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.