Multi Commodity Exchange (MCX) पर चांदी के दाम में आज बड़ी सुस्ती देखी जा रही है। शुक्रवार को चांदी का वायदा भाव **3%** से ज्यादा गिरकर **₹1.93 लाख** प्रति किलोग्राम के स्तर के करीब ट्रेड कर रहा है।
बाजार का हाल और गिरावट की वजह
शुक्रवार की सुबह MCX पर चांदी के वायदा कारोबार में एक बड़ा करेक्शन देखने को मिला है। कीमत 3% से अधिक फिसलकर ₹1.93 लाख प्रति किलोग्राम के आसपास आ गई है। यह गिरावट ग्लोबल मार्केट में प्रीशियस मेटल्स (Precious Metals) पर बढ़ते सेलिंग प्रेशर का नतीजा है। भारत के रिटेल बुलियन मार्केट में भी इसका असर दिख रहा है, जहाँ भाव ₹1.939 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर पर बने हुए हैं। ध्यान रहे, रिटेल और एक्सचेंज प्राइस में अंतर होता है, जिसमें लोकल टैक्स, इंपोर्ट ड्यूटी और डीलर मार्जिन शामिल होते हैं।
सोना और चांदी में क्या फर्क है?
गोल्ड के उलट, चांदी केवल एक सुरक्षित निवेश (Safe-haven) नहीं है। इसका इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, सोलर एनर्जी और अन्य औद्योगिक प्रक्रियाओं में बड़े पैमाने पर होता है। यही कारण है कि जब भी ग्लोबल इंडस्ट्रियल डिमांड में कमजोरी के संकेत मिलते हैं, चांदी की कीमतों पर दबाव बढ़ जाता है।
क्यों अस्थिर हैं दाम?
चांदी की चाल पर डॉलर इंडेक्स (US Dollar Index) और सेंट्रल बैंकों की ब्याज दरों के फैसलों का गहरा असर पड़ता है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो कमोडिटीज महंगी हो जाती हैं, जिससे बिकवाली का दौर शुरू होता है। चांदी में गोल्ड के मुकाबले ज्यादा 'बीटा' (Volatility) होता है, जिसके चलते बाजार में हलचल होने पर इसके दाम सोने की तुलना में तेजी से ऊपर-नीचे होते हैं। अब निवेशकों की नजर ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग डेटा और केंद्रीय बैंकों की भविष्य की पॉलिसी पर टिकी है, जो यह तय करेगी कि यह गिरावट एक छोटा दौर है या लंबे समय का करेक्शन।
