MCX पर Natural Gas के वायदा सौदे **₹276** प्रति mmBtu के स्तर पर ट्रेड कर रहे हैं। हालिया तेजी के बाद ट्रेडर्स की तरफ से मुनाफावसूली देखने को मिली है और अब कमोडिटी **₹270** के अहम सपोर्ट लेवल को टेस्ट कर रही है।
बाजार का हाल
MCX पर Natural Gas फ्यूचर में बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है। 31 अगस्त, 2026 तक यह कॉन्ट्रैक्ट लगभग 2.64% गिरकर ₹276.1 के आसपास ट्रेड कर रहा है। इससे पहले कमोडिटी में काफी उतार-चढ़ाव दिखा था और कीमतें ₹286 के पांच हफ्ते के ऊपरी स्तर तक पहुंच गई थीं।
गिरावट की असली वजह
कीमतों में इस नरमी के पीछे ग्लोबल सप्लाई का बड़ा हाथ है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2026 में अमेरिका के 'लोअर 48' राज्यों में नेचुरल गैस का उत्पादन रिकॉर्ड 111.4 अरब क्यूबिक फीट प्रति दिन (bcfd) तक पहुंच गया है। टेक्सास में नई पाइपलाइन क्षमता बढ़ने से सप्लाई संबंधी चिंताएं कम हुई हैं, जिसका सीधा असर ग्लोबल कीमतों पर पड़ रहा है।
टेक्निकल चार्ट और सपोर्ट
अब सबकी नजरें ₹270 के तात्कालिक सपोर्ट लेवल पर टिकी हैं। अगर नेचुरल गैस इस स्तर को बनाए रखने में नाकाम रहती है, तो कीमतें ₹257 से ₹260 के अगले सपोर्ट जोन की ओर जा सकती हैं। यदि यह लेवल टूटता है, तो हालिया तेजी पूरी तरह खत्म हो सकती है और मार्केट में लंबा डाउनट्रेंड शुरू हो सकता है।
सेक्टर पर असर
यह गिरावट उन कंपनियों के लिए राहत की बात हो सकती है जो कच्चे माल के तौर पर नेचुरल गैस का इस्तेमाल करती हैं। सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन, फर्टिलाइजर और पावर जनरेशन जैसे सेक्टर्स के मार्जिन पर गैस की कीमतों का सीधा असर पड़ता है। हालांकि, बाजार की अस्थिरता कंपनियों के लिए कॉस्ट प्लानिंग को कठिन बना रही है।
अगले कुछ दिनों में मौसम के अनुमान और डिमांड पैटर्न के साथ-साथ स्टोरेज इन्वेंट्री डेटा पर निवेशकों को बारीकी से नजर रखनी होगी, क्योंकि यही तय करेंगे कि कीमतें और गिरेंगी या फिर से रिकवरी आएगी।
