Multi Commodity Exchange (MCX) पर Natural Gas फ्यूचर्स फिलहाल **₹285** से **₹320** की दायरे में कारोबार कर रहे हैं। हाल ही में तेजी के बाद अब मार्केट में सुस्ती देखी जा रही है और ट्रेडर्स नए ट्रिगर्स का इंतजार कर रहे हैं।
बाजार में 'वेट एंड वॉच' का मोड
MCX पर Natural Gas फ्यूचर्स में एक शानदार रैली के बाद अब ठहराव देखने को मिल रहा है। पिछले हफ्ते ही कमोडिटी ने ₹318.50 प्रति mmBtu का हाई छुआ था, लेकिन फिलहाल यह ₹301 के आसपास ट्रेड कर रही है। यह कंसोलिडेशन इस बात का संकेत है कि मार्केट में फिलहाल कोई नई हलचल नहीं है और निवेशक किसी बड़े संकेत का इंतजार कर रहे हैं।
टेक्निकल एनालिसिस: अहम लेवल्स
टेक्निकल जानकारों के अनुसार, फिलहाल Natural Gas के लिए ₹285 का लेवल एक मजबूत सपोर्ट के तौर पर काम कर रहा है, जबकि ₹320 पर कड़ा रेजिस्टेंस बना हुआ है। जब तक कीमतें इस रेंज से बाहर नहीं निकलतीं, तब तक कोई भी बड़ा ट्रेंड तय करना मुश्किल है। इसके लिए मार्केट अब वेदर फोरकास्ट (Weather Forecast) और ग्लोबल सप्लाई डेटा पर नजर गड़ाए हुए है।
कंपनियों के मार्जिन पर असर
Natural Gas केवल एक कमोडिटी नहीं है, बल्कि यह फर्टिलाइजर, पावर जनरेशन और ग्लास इंडस्ट्री जैसे कई सेक्टरों के लिए एक जरूरी इनपुट है। गैस के दामों में भारी उतार-चढ़ाव सीधे तौर पर इन एनर्जी-इंटेंसिव सेक्टरों की ऑपरेटिंग कॉस्ट और प्रॉफिट मार्जिन को प्रभावित कर सकते हैं। निवेशकों के लिए इन ट्रेंड्स पर नजर रखना इसलिए जरूरी है क्योंकि यह कंपनियों के आने वाले क्वार्टर के नतीजों के लिए संकेत दे सकता है।
रिस्क और ग्लोबल फैक्टर्स
भारत अपनी नेचुरल गैस की जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात (Import) करता है, इसलिए ग्लोबल बेंचमार्क का सीधा असर स्थानीय कीमतों पर पड़ता है। कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग में हाई वोलेटिलिटी और लेवरेज (Leverage) का रिस्क बना रहता है। ट्रेडर्स अक्सर US Energy Information Administration (EIA) की इन्वेंट्री रिपोर्ट को ट्रैक करते हैं, क्योंकि यह ग्लोबल सप्लाई चेन की दिशा तय करती है। अब सबकी निगाहें इस पर हैं कि क्या कीमत ₹320 के रेजिस्टेंस को तोड़कर ऊपर जाएगी या ₹285 के सपोर्ट लेवल की ओर फिसलेगी।
