MCX पर नेचुरल गैस के अक्टूबर फ्यूचर्स **₹288** प्रति mmBtu के पास ट्रेड कर रहे हैं। बाजार में ग्लोबल संकेतों और करेंसी में उतार-चढ़ाव के कारण कीमतें अपने अहम सपोर्ट लेवल को टेस्ट कर रही हैं, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।
कमोडिटी बाजार में इस समय नेचुरल गैस की चाल पर सबकी नजरें टिकी हैं। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर नेचुरल गैस फ्यूचर्स फिलहाल ₹288 के आसपास कारोबार कर रहे हैं। तकनीकी रूप से, यह कॉन्ट्रैक्ट ₹280 से ₹285 के बीच एक महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन को टेस्ट कर रहा है, जिसे मार्केट एक्सपर्ट्स एक मजबूत आधार (Floor) के तौर पर देख रहे हैं।
ग्लोबल संकेत और करेंसी का असर
भारत में नेचुरल गैस की कीमतें सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क से जुड़ी हैं, खास तौर पर अमेरिकी नेचुरल गैस की कीमतों से, जो अभी $3.03 प्रति MMBtu के आसपास हैं। चूंकि भारत ऊर्जा का शुद्ध आयातक (Net Importer) है, इसलिए USD/INR एक्सचेंज रेट का सीधा प्रभाव पड़ता है। अगर रुपया कमजोर होता है, तो आयात महंगा हो जाता है, जिससे एक्सचेंज पर कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है।
घरेलू इंडस्ट्री पर चोट
नेचुरल गैस की कीमतों में यह अस्थिरता सीधे तौर पर फर्टिलाइजर, पावर जनरेशन और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन जैसी इंडस्ट्रीज को प्रभावित करती है। ये सेक्टर नेचुरल गैस को मुख्य ईंधन या फीडस्टॉक के रूप में इस्तेमाल करते हैं। यदि कीमतें लंबे समय तक अस्थिर रहती हैं, तो इन कंपनियों के ऑपरेशनल मार्जिन और मुनाफे पर भारी दबाव बढ़ सकता है।
बाजार के लिए बड़े रिस्क
नेचुरल गैस का आउटलुक कई अनिश्चितताओं से घिरा है। मध्य पूर्व (Middle East) में चल रहे तनाव के कारण ग्लोबल सप्लाई चेन पर खतरा मंडरा रहा है। इसके अलावा, ग्लोबल वेदर पैटर्न और प्रमुख देशों में गैस इन्वेंट्री का डेटा भी कीमतों में अचानक तेजी या गिरावट का कारण बन सकता है। निवेशकों को सलाह है कि वे अंतरराष्ट्रीय इन्वेंट्री डेटा और भू-राजनीतिक हालात पर कड़ी नजर रखें, क्योंकि यही शॉर्ट-टर्म में बाजार की दिशा तय करेंगे।
