MCX पर Natural Gas के नवंबर वायदा अनुबंध में पिछले हफ्ते भारी बिकवाली देखी गई, जिससे कीमतें **15%** गिरकर **₹285.4** के निचले स्तर तक पहुंच गईं। ऊर्जा कमोडिटी में आई इस गिरावट के पीछे मौसमी मांग में बदलाव और वैश्विक संकेतों को जिम्मेदार माना जा रहा है।
बाजार में क्यों मचा है दबाव?
Multi Commodity Exchange (MCX) पर नेचुरल गैस की कीमतें लगातार फिसल रही हैं। पिछले सप्ताह की भारी गिरावट के बाद, सोमवार को नवंबर का वायदा अनुबंध ₹285.4 के स्तर को छू गया। यह गिरावट दर्शाती है कि कमोडिटी मार्केट में इस समय सप्लाई और डिमांड को लेकर काफी अनिश्चितता का माहौल है। नेचुरल गैस की कीमतें मुख्य रूप से अमेरिकी बेंचमार्क US Henry Hub और मौसम के पूर्वानुमानों से प्रभावित होती हैं।
चार्ट पर क्या हैं अहम लेवल?
तकनीकी जानकारों के मुताबिक, ₹270 से ₹280 का प्राइस बैंड एक अहम सपोर्ट जोन है। अगर यह लेवल टूटता है, तो कीमतों में और गिरावट देखने को मिल सकती है, जिससे भाव ₹250 से ₹255 की रेंज में आ सकते हैं। वहीं, अगर रिकवरी आती है, तो रेजिस्टेंस लेवल ₹306 पर है और इसके बाद अगला टारगेट ₹315 का हो सकता है।
ट्रेडर्स के लिए चेतावनी
कमोडिटी फ्यूचर्स हाई-रिस्क इंस्ट्रूमेंट होते हैं। लिवरेज के कारण इस तरह की उतार-चढ़ाव भरी स्थिति में बड़े नुकसान की आशंका रहती है। फिलहाल बाजार की जो स्थिति है, उसमें आने वाली किसी भी तेजी को एक 'करेक्टिव रैली' माना जा रहा है, न कि कोई बड़ी ट्रेंड रिवर्सल। आने वाले दिनों में वेदर रिपोर्ट्स और सप्लाई इन्वेंट्री का डेटा ही यह तय करेगा कि नेचुरल गैस किस दिशा में जाएगी।
