मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोमवार को सोना और चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। अमेरिका से आए कमजोर जॉब डेटा ने ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को हवा दी है। हालांकि, बाज़ार में अभी भी उतार-चढ़ाव बना हुआ है, और निवेशक आने वाले आर्थिक आंकड़ों और भू-राजनीतिक घटनाओं पर नज़र बनाए हुए हैं।
MCX पर सोना-चांदी में उछाल
सोमवार, 10 अगस्त, 2026 को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना और चांदी के फ्यूचर्स में हल्की बढ़त देखी गई। यह तेजी अमेरिका से मिले ताजा आर्थिक संकेतों के बाद आई है। सोना फ्यूचर्स लगभग ₹1,51,900 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था, जबकि चांदी फ्यूचर्स ₹2,31,800 प्रति किलोग्राम के आसपास था। पिछले हफ्ते की मजबूत चाल के बाद यह बढ़त आई है, जिसमें कीमती धातुओं में काफी तेजी आई थी।
ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें बढ़ीं
इस तेजी की मुख्य वजह जुलाई के लिए आए अमेरिकी लेबर मार्केट की रिपोर्ट है, जिसमें नौकरियों में गिरावट दिखाई गई। निवेशकों के लिए, यह डेटा बताता है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था धीमी हो सकती है, जिससे फेडरल रिजर्व द्वारा नरम ब्याज दर नीति अपनाने की उम्मीदें बढ़ जाती हैं। जब ऊंची ब्याज दरों की उम्मीदें कम होती हैं, तो सोना अधिक आकर्षक हो जाता है, क्योंकि यह कोई ब्याज नहीं देता। इस तरह यह बॉन्ड जैसे ब्याज-भुगतान वाले विकल्पों की तुलना में एक पसंदीदा संपत्ति बन जाता है।
बाज़ार की अस्थिरता और प्रॉफिट-टेकिंग
इस सकारात्मक रुझान के बावजूद, बाज़ार फिलहाल कुछ अस्थिरता का अनुभव कर रहा है। पिछले कुछ दिनों की तेज चढ़ाई के बाद, कुछ ट्रेडर्स मुनाफावसूली कर रहे हैं, जिससे ट्रेडिंग सत्र के दौरान कीमतों में उतार-चढ़ाव आ रहा है। हालांकि Comex पर अंतरराष्ट्रीय कीमतों में प्रॉफिट-टेकिंग के संकेत दिखे, वहीं घरेलू MCX बाज़ार स्थानीय मांग के रुझानों से समर्थित होकर कुछ लचीलापन बनाए हुए है।
आगे क्या?
निवेशकों को निकट भविष्य में कीमतों में उतार-चढ़ाव पैदा करने वाले कई कारकों पर ध्यान देना चाहिए। पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक अनिश्चितता, विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य में विकास, संभावित अस्थिरता का स्रोत बना हुआ है जो कमोडिटी की कीमतों को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा, बाज़ार आने वाली अमेरिकी कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) और प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। ये महंगाई के संकेतक महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि वे अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति की भविष्य की दिशा पर अधिक स्पष्टता प्रदान करेंगे। अमेरिकी डॉलर का प्रदर्शन भी एक महत्वपूर्ण कारक बना रहेगा, क्योंकि इसका आमतौर पर सोने और चांदी की कीमत के साथ विपरीत संबंध होता है।
