21 सितंबर को MCX पर गोल्ड और सिल्वर के दाम लुढ़क गए हैं। इंटरनेशनल मार्केट से मिले कमजोर संकेतों के कारण अक्टूबर गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट **₹881** घटकर **₹1,53,500** और दिसंबर सिल्वर **₹1,599** टूटकर **₹2,40,004** पर आ गया है।
ग्लोबल कमजोरी का असर
घरेलू बाजार में आई इस गिरावट की मुख्य वजह ग्लोबल बुलियन मार्केट की सुस्ती है। Comex पर सोने की कीमतें $4,400 प्रति औंस के नीचे फिसल गई हैं, जिसका सीधा असर भारत में देखने को मिला। भारत दुनिया के सबसे बड़े मेटल इंपोर्टर्स में से एक है, इसलिए डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल और ग्लोबल रेट्स का सीधा असर यहां के भावों पर पड़ता है।
2026 के रिकॉर्ड स्तर से बड़ी दूरी
दोनों ही कीमती धातुएं अपने इस साल के ऊपरी स्तरों से काफी नीचे ट्रेड कर रही हैं। साल की शुरुआत में सोना ₹1,80,779 और चांदी ₹4,20,048 के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई थी। फिलहाल चल रही गिरावट कमोडिटी मार्केट में साल भर रही अस्थिरता को दिखाती है।
निवेशकों की नजर कहां होनी चाहिए?
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अब सोने के लिए ₹1,53,000 और चांदी के लिए ₹2,40,000 का लेवल काफी अहम है। अगर ये सपोर्ट लेवल्स टूटते हैं, तो बिकवाली और बढ़ सकती है। आगे की चाल पूरी तरह से ग्लोबल इकोनॉमिक डेटा और सेंट्रल बैंक के कमेंट्स पर निर्भर करेगी। फिलहाल बाजार में 'बारगेन हंटिंग' (bargain hunting) की उम्मीद कम है, क्योंकि दबाव अभी भी बना हुआ है।
