MCX Gold, Silver Futures: शुरुआती बढ़त के बाद गिरावट, जानिए क्यों?

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
MCX Gold, Silver Futures: शुरुआती बढ़त के बाद गिरावट, जानिए क्यों?

13 अगस्त को MCX पर सोने और चांदी के फ्यूचर्स में शुरुआती बढ़त कमजोर पड़ गई और कीमतें गिरावट के साथ कारोबार कर रही हैं। ग्लोबल स्तर पर मांग बनी हुई है, लेकिन अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और डॉलर की मजबूती से मुनाफावसूली हावी है।

जोरदार ओपनिंग के बाद आई गिरावट

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर गुरुवार, 13 अगस्त 2026 को सोने और चांदी के वायदा (Futures) में शुरुआत में तेजी देखी गई, लेकिन कारोबार के अंत तक यह बढ़त कमजोर पड़ गई। अक्टूबर डिलीवरी वाले गोल्ड फ्यूचर्स ₹1,55,071 प्रति 10 ग्राम पर खुले, जो पिछले दिन के बंद भाव से ऊपर थे। हालांकि, जैसे-जैसे दिन चढ़ा, कीमतें गिरकर ₹1,54,712 पर आ गईं, जो पिछले क्लोजिंग से ₹170 कम थी।

चांदी के फ्यूचर्स का हाल भी कुछ ऐसा ही रहा। सितंबर डिलीवरी वाले कॉन्ट्रैक्ट की शुरुआत ₹2,38,000 प्रति किलो पर हुई, लेकिन बाद में यह गिरकर ₹2,36,825 पर आ गया। इसमें ₹1,010 की गिरावट दर्ज की गई। इन कीमतों में आई यह इंट्राडे गिरावट ट्रेडर्स के सतर्क रुख को दर्शाती है, जो फिजिकल डिमांड को मैक्रोइकोनॉमिक संकेतों के साथ संतुलित कर रहे हैं।

क्यों घटी कीमती धातुओं की चाल?

निवेशक अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों के असर का आकलन कर रहे हैं। जुलाई के लिए अमेरिकी कंज्यूमर इंफ्लेशन डेटा 3.4% रहा, जो आमतौर पर सोने का समर्थन करता है। लेकिन, बाजार अमेरिकी डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड्स के प्रति भी संवेदनशील है। जब डॉलर या बॉन्ड यील्ड बढ़ते हैं, तो सोने जैसी कीमती धातुओं पर दबाव आता है, क्योंकि वे ब्याज देने वाली संपत्तियों की तुलना में कम आकर्षक हो जाती हैं।

वैश्विक स्तर पर, Comex गोल्ड की कीमतें लगभग $4,465 प्रति औंस के आसपास बनी रहीं, हालांकि इंट्राडे में नरमी देखी गई। बाजार अब अमेरिकी प्रोड्यूसर इंफ्लेशन डेटा का इंतजार कर रहा है, जिससे फेडरल रिजर्व की भविष्य की मौद्रिक नीति पर और संकेत मिलेंगे।

आगे क्या?

यह हालिया उतार-चढ़ाव निवेशकों को कमोडिटी ट्रेडिंग की अस्थिरता की याद दिलाता है। गुरुवार की गिरावट पिछले उतार-चढ़ाव के बाद मुनाफावसूली (Profit-booking) और आने वाले महीनों में ब्याज दरों के बढ़ने की अनिश्चितता के कारण मानी जा रही है।

बाजार की चाल पर नजर रखने वाले प्रतिभागी अमेरिकी प्रोड्यूसर इंफ्लेशन रिपोर्ट और करेंसी की चाल पर बारीकी से नजर रखेंगे। ये कारक अल्पकालिक मूल्य में उतार-चढ़ाव को प्रभावित करेंगे। सेंट्रल बैंकों की लगातार खरीदारी और निवेश मांग वैश्विक बाजार में सोने के लिए मुख्य सहारा बने हुए हैं, हालांकि घरेलू कीमतें करेंसी की अस्थिरता और अंतरराष्ट्रीय मूल्य रुझानों पर प्रतिक्रिया करती रहेंगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.