MCX Gold, Silver Price Today: सोने-चांदी में आई तेजी, जानिए ₹1.41 लाख के पार पहुंचा सोना

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
MCX Gold, Silver Price Today: सोने-चांदी में आई तेजी, जानिए ₹1.41 लाख के पार पहुंचा सोना

सोमवार, 20 जुलाई 2026 को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी के वायदा भावों में तेजी दर्ज की गई। अगस्त डिलीवरी वाले सोने के फ्यूचर ₹294 बढ़कर **₹1.41 लाख** प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहे हैं, वहीं सितंबर डिलीवरी वाले चांदी के फ्यूचर ₹1,618 की बढ़त के साथ **₹2.18 लाख** प्रति किलोग्राम पर पहुंच गए।

सोने-चांदी में दिखी जोरदार खरीदारी

MCX पर सोने की अगस्त वायदा ₹294 या 0.21% चढ़कर ₹1,41,000 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। वहीं, चांदी की सितंबर वायदा में ₹1,618 यानी 0.75% का उछाल देखा गया और यह ₹2,18,000 प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही है।

वैश्विक और घरेलू बाज़ार का असर

भारतीय सर्राफा बाज़ार में यह तेजी घरेलू हाजिर बाज़ार (spot market) की मांग और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चांदी की कीमतों में आए सकारात्मक रुझान का मिलाजुला असर है। जहां एक ओर न्यूयॉर्क में चांदी का वायदा 1.21% चढ़कर $56.59 प्रति औंस पर था, वहीं सोने का वैश्विक भाव $4,011 प्रति औंस पर थोड़ा नरम रहा। यह अंतर दर्शाता है कि कैसे कभी-कभी चांदी की औद्योगिक और निवेश मांग, सोने से अलग अल्पावधि में मूल्य पथ निर्धारित कर सकती है।

भू-राजनीतिक तनाव और ब्याज दरों का प्रभाव

बाजार के जानकारों का कहना है कि बुलियन की कीमतें भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदों के बीच एक जटिल माहौल में कारोबार कर रही हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य में हालिया घटनाएं और कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि ने वैश्विक मुद्रास्फीति (inflation) की चिंताओं को बढ़ा दिया है। आमतौर पर, बढ़ती महंगाई और भू-राजनीतिक अस्थिरता निवेशकों को कीमती धातुओं की ओर आकर्षित करती है।

केंद्रीय बैंकों और ETF की भूमिका

चीन जैसे देशों से केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी सोने की कीमतों को सहारा दे रही है। दूसरी ओर, पश्चिमी एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETFs) और भारत में खुदरा निवेशकों के बीच सतर्कता बनी हुई है, जो घरेलू बाजार में बड़ी तेजी को सीमित कर सकती है।

आगे क्या?

निवेशकों को वैश्विक ब्याज दर वृद्धि की उम्मीदों और सुरक्षित-आश्रय (safe-haven) मांग के बीच के तालमेल पर नज़र रखनी चाहिए। विश्लेषकों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमतें $4,000 प्रति औंस से नीचे गिरती हैं, तो और बिकवाली का दबाव देखा जा सकता है, जबकि $4,200 की ओर बढ़ना गति में बदलाव का संकेत दे सकता है। भारत में, निवेशक भौतिक मांग के रुझान और आयात नीतियों या शुल्कों में किसी भी बदलाव पर नज़र रखेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.