MCX पर सोने की कीमतों में लगातार चौथे दिन गिरावट दर्ज की गई है और भाव **₹1.45 से ₹1.46 लाख** प्रति 10 ग्राम के आसपास बने हुए हैं। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले की अनिश्चितता ने मार्केट का मूड बिगाड़ दिया है।
सोने में लगातार कमजोरी
MCX पर सोने की कीमतों में लगातार गिरावट का सिलसिला जारी है। फिलहाल, कीमती धातु ₹1,45,300 से ₹1,46,000 प्रति 10 ग्राम के सपोर्ट लेवल पर संघर्ष कर रही है। यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब भारत में फेस्टिव और वेडिंग सीजन की शुरुआत हो चुकी है, जो आमतौर पर फिजिकल डिमांड के लिए पीक समय होता है।
गिरावट की मुख्य वजहें
सोने पर दबाव की सबसे बड़ी वजह ग्लोबल क्रूड ऑयल के दामों में उछाल है, जिससे महंगाई (Inflation) दोबारा बढ़ने का डर पैदा हो गया है। वैसे तो सोना महंगाई के खिलाफ एक हेज (Hedge) माना जाता है, लेकिन तेल की बढ़ती कीमतें ऊंची ब्याज दरों के लंबे समय तक बने रहने का संकेत देती हैं। इसके अलावा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) की आने वाली पॉलिसी मीटिंग को लेकर निवेशक काफी सतर्क हैं और कोई भी बड़ा दांव लगाने से बच रहे हैं।
टेक्निकल चार्ट क्या कहता है?
टेक्निकल तौर पर सोना एक मुश्किल दौर से गुजर रहा है। एनालिस्ट्स की नजर ₹1,45,300 के सपोर्ट फ्लोर पर टिकी है। अगर सोने का दाम इस स्तर को नहीं बचा पाता है, तो इसमें ₹1,43,000 से ₹1,43,700 तक की और गिरावट देखने को मिल सकती है। ऊपर की तरफ, ₹1,48,000 से ₹1,48,600 के जोन पर रेजिस्टेंस (Resistance) बना हुआ है।
निवेशकों के लिए सलाह
भारतीय खरीदारों के लिए यह एक पशोपेश वाली स्थिति है। धनतेरस और दिवाली की तैयारी कर रहे रिटेल खरीदारों के लिए मौजूदा गिरावट आकर्षक लग सकती है, लेकिन मैक्रो-इकोनॉमिक अस्थिरता अभी बनी हुई है। फिलहाल, निवेशकों को फेड की बैठक के नतीजों और त्योहारी सीजन की फिजिकल डिमांड के आंकड़ों पर कड़ी नजर रखनी चाहिए, जो आगे की दिशा तय करेंगे।
